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राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान से अब देश में होगी सीहोर की नई पहचान : डॉ वीरेन्द्र कुमार

- 25 एकड़ में 105 करोड़ से अधिक की लागत से संस्थान के भवन का हुआ निर्माण

सीहोर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान सीहोर के निर्माण से अब सीहोर की पहचान प्रदेश के साथ पूरे देश में होगी। देशभर से दिव्यांगजन सीहोर के इस संस्थान से लाभान्वित होंगे। यह बात केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन अवसर पर कही।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के साथ निरंतर प्रयास कर इस दिशा में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा भी अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को प्रेम और स्नेह की आवश्यकता है और इस संस्थान में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके स्वास्थ्य और संवार्गी विकास के लिए काम किया जाएगा। हम सब मिलकर एक सफल समावेशी राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करें और दिव्यांगों के अधिकारों को सुनिश्चित करें। केन्द्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के निर्माण में कुछ समय का विलम्ब हुआ है पर पुनर्वास संस्थान बनकर अब पूर्ण तैयार हो गया है। इसके निर्माण की गति बहुत धीमी होने से एजेंसी को एक बार बदला गया उसके बाद दूसरी भी बार बदल गया। इसके बाद तीनों ब्लॉक का अलग-अलग एजेंसियों के द्वारा निर्माण कार्य कराया गया है। इसके लिए मैं लगातार समीक्षा बैठक लेता रहा और दिल्ली बुलाकर भी समीक्षा की गई। इस संस्थान के निर्माण में राज्य सरकार के सहयोग की सराहना करते हए कहा कि संस्थान के लिए बेहतर लोकेशन पर भूमि उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य शासन के मंत्री, विधायक और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे समय-समय इस संस्थान का निरीक्षण करते रहे, ताकि दिव्यांगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकें और संस्थान के माध्यम से दी जाने वाली फीडबैक प्राप्त होती हो सके।

प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों के प्रति अतिसंवेदनशील-
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांगजनों के प्रति अतिसंवेदनशील हैं। इससे पहले दिव्यांगों के लिए सात प्रकार के श्रेणी निर्धारित थी, लेकिन अब वर्ष-2016 से अधिनियम पारित होने के बाद 21 प्रकार की श्रेणियां दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित की गई है। सामाजिक मान्यता मंत्रालय राज्य सरकार के सहयोग से दिव्यांगजनों की सेवा देने के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अपने विभिन्न जोनों की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

पुनर्वास केन्द्र सीहोर के लिए बड़ी सौगात है : मंत्री श्री कुशवाह

प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सस्थान के रूप में सीहोर को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश और देश तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के चेहरे पर खुशी लाने तथा उनको सशक्त बनाने के लिए निरन्तर काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में दिव्यांगजनों को सुगमता से लाभ मिल सके, इसके लिए विभाग द्वारा पोर्टल बनाया जा रहा है। प्रदेश के दिव्यांगजनों के विवाह के लिए 163 करोड़ से अधिक की राशि व्यय की गई है।

कार्यक्रम में यह थे उपस्थित-
जिला पंचायत अध्यक्ष चना सुरेन्द्र मेवाड़ा, राजेश यादव संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, सचिन सिन्हा प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, डॉ. रामाराव भोसले आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, विनीत सिंहल निदेशक राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुर्नवास संस्थान, कलेक्टर प्रवीण सिंह, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी तथा नागरिकगण उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री को नहीं दिया आमंत्रण, सांसद भी नहीं पहुंची-
कार्यक्रम के दौरान यह चर्चा भी बनी रही कि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को ही यहां पर आमंत्रण नहीं दिया गया। दरअसल राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के लिए 25 एकड़ जमीन राजस्व विभाग ने ही उपलब्ध कराई थी। जहां पर यह भवन बनाया गया है वह जगह भी राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र इछावर में आती है। आमंत्रण पत्र में उनका नाम भी नहीं था। इधर भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को यहां पर आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे कार्यक्रम में ही नहीं पहुंची। उनकी अनुपस्थिति भी यहां पर चर्चा का विषय बनी रहीं।

एक नजर में केंद्र-
– सीहोर में अक्टूबर 2018 में एक स्थाई भवन के निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ।
– पुनर्वास संस्थान 25 एकड़ में फैला हुआ है और उसमें से लगभग 12 एकड़ में संस्थान के भवन का निर्माण हुआ है।
– इसकी लागत लगभग 105.68 करोड रुपए आई है।
– राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के लिए शीघ्र ही 6 करोड़ के उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
– इस नवीन परिसर में 50 कमरे जिसमें कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के कमरे, प्रशासनिक कर्मचारी और निर्देशक कक्ष शामिल है।
– संस्थान में नेचरोथैरेपी, फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, एमआरआई, सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी रूम की सेवाएं मिलेंगी।
– संस्थान द्वारा चिकित्सा और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नई दिल्ली और बेंगलुरु से सहयोग लिया जाएगा।
– इस संस्थान में छात्रों के लिए पर्याप्त स्थान एवं व्यवस्था होगी।
– इस संस्थान के विभिन्न विभागों के माध्यम से साइकोलॉजिकल, डायग्नोस्टिक, मूल्यांकन और परीक्षण न्यूरो साइकोलॉजिकल मूल्यांकन साइकोलॉजिकल, एजुकेशन के लिए अन्य जागरूकता सेवा में प्रदान की जाएगी।
– एनआईएमएचआर में तीन पाठ्यक्रम सर्टिफिकेट कोर्स ऑफ केयर गिविंग, डिप्लोमा इन कम्युनिटी बेस्ड रिहैबिलिटेशन (डीसीबीआर) और डिप्लोमा इन वोकेशनल रिहैबिलिटेशन-इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी (डीवीआर-आईडी) चल रहे हैं।
– ओपीडी (मनोचिकित्सा हस्तक्षेप, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन), टेली-परामर्श, आउटरीच ओपीडी, आउटरीच कार्यक्रम और जमीनी स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सेवाएं भी एनआईएमएचआर द्वारा प्रदान की जा रही हैं।
– संस्थान के माध्यम से साइको डायग्नोस्टिक मूल्यांकन और परीक्षण, न्यूरोसाइकोलॉजिकल मूल्यांकन, साइको शिक्षा मार्गदर्शन और परामर्श, विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए साइको चिकित्सीय हस्तक्षेप और अन्य आउटरीच और जागरूकता सेवाएं संचालित करेगा।
– राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में मनोचिकित्सा, नैदानिक मनोविज्ञान, मनोरोग सामाजिक कार्य, मनोरोग नर्सिंग, वाणी एवं श्रवण, व्यावसायिक चिकित्सा के लिए केंद्र, फिजियोथैरेपी और योग विज्ञान, शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और ललित कला केंद्र, कानूनी सहायता सेल और कंप्यूटर विभाग रहेंगे।
– एनआईएमएचआर के नवनिर्मित परिसर में सेवाएं, प्रशासन और शैक्षणिक, छात्रावास और स्टूडियो अपार्टमेंट ब्लॉक शामिल हैं।
– संस्थान का सर्विस ब्लॉक न्यूरोथैरेपी, फिजियोथैरेपी, स्पीच थैरेपी, व्यावसायिक थैरेपी, एमआरआई, सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी, एक्स-रे रूम, डेकेयर सेवाएं, व्यावसायिक प्रशिक्षण की सेवाएं प्रदान करेगा।
– संस्थान के सर्विस ब्लॉक में डॉक्टरों के लिए 16 कमरे, चिकित्सा अधीक्षक के लिए 1, पंजीकरण और हेल्पडेस्क के लिए 1, क्लिनिकल स्टाफ के लिए 5, पेंट्री और रसोई के लिए 1, 2 कैंटीन, व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 5 आदि शामिल हैं। संस्थान के स्टूडियो अपार्टमेंट में 23 डबल बेड वाले कमरे और 01 कैंटीन होगीं।
– संस्थान के प्रशासन और शैक्षणिक ब्लॉक में 16 कक्षाएं, 1 पुस्तकालय, प्रोफेसरों और सहायक प्रोफेसरों के लिए 5 कमरे, प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए 16 कमरे और 1 निदेशक कक्ष शामिल होंगे।
– एनआईएमएचआर के छात्रावास में 62 डबल बेड वाले और 51 सिंगल बेड वाले कमरों की क्षमता के साथ छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाएगी और दिव्यांग छात्रों के लिए 2 डबल बेड वाले और 2 सिंगल बेड वाले कमरे आरक्षित होंगे।

 

 

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