
सीहोर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान सीहोर के निर्माण से अब सीहोर की पहचान प्रदेश के साथ पूरे देश में होगी। देशभर से दिव्यांगजन सीहोर के इस संस्थान से लाभान्वित होंगे। यह बात केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन अवसर पर कही।
प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों के प्रति अतिसंवेदनशील-
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांगजनों के प्रति अतिसंवेदनशील हैं। इससे पहले दिव्यांगों के लिए सात प्रकार के श्रेणी निर्धारित थी, लेकिन अब वर्ष-2016 से अधिनियम पारित होने के बाद 21 प्रकार की श्रेणियां दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित की गई है। सामाजिक मान्यता मंत्रालय राज्य सरकार के सहयोग से दिव्यांगजनों की सेवा देने के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अपने विभिन्न जोनों की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
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कार्यक्रम में यह थे उपस्थित-
जिला पंचायत अध्यक्ष चना सुरेन्द्र मेवाड़ा, राजेश यादव संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, सचिन सिन्हा प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, डॉ. रामाराव भोसले आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, विनीत सिंहल निदेशक राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुर्नवास संस्थान, कलेक्टर प्रवीण सिंह, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी तथा नागरिकगण उपस्थित थे।
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एक नजर में केंद्र-
– पुनर्वास संस्थान 25 एकड़ में फैला हुआ है और उसमें से लगभग 12 एकड़ में संस्थान के भवन का निर्माण हुआ है।
– इसकी लागत लगभग 105.68 करोड रुपए आई है।
– राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संस्थान के लिए शीघ्र ही 6 करोड़ के उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
– इस नवीन परिसर में 50 कमरे जिसमें कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के कमरे, प्रशासनिक कर्मचारी और निर्देशक कक्ष शामिल है।
– संस्थान में नेचरोथैरेपी, फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, एमआरआई, सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी रूम की सेवाएं मिलेंगी।
– संस्थान द्वारा चिकित्सा और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नई दिल्ली और बेंगलुरु से सहयोग लिया जाएगा।
– इस संस्थान में छात्रों के लिए पर्याप्त स्थान एवं व्यवस्था होगी।
– इस संस्थान के विभिन्न विभागों के माध्यम से साइकोलॉजिकल, डायग्नोस्टिक, मूल्यांकन और परीक्षण न्यूरो साइकोलॉजिकल मूल्यांकन साइकोलॉजिकल, एजुकेशन के लिए अन्य जागरूकता सेवा में प्रदान की जाएगी।
– एनआईएमएचआर में तीन पाठ्यक्रम सर्टिफिकेट कोर्स ऑफ केयर गिविंग, डिप्लोमा इन कम्युनिटी बेस्ड रिहैबिलिटेशन (डीसीबीआर) और डिप्लोमा इन वोकेशनल रिहैबिलिटेशन-इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी (डीवीआर-आईडी) चल रहे हैं।
– ओपीडी (मनोचिकित्सा हस्तक्षेप, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन), टेली-परामर्श, आउटरीच ओपीडी, आउटरीच कार्यक्रम और जमीनी स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सेवाएं भी एनआईएमएचआर द्वारा प्रदान की जा रही हैं।
– संस्थान के माध्यम से साइको डायग्नोस्टिक मूल्यांकन और परीक्षण, न्यूरोसाइकोलॉजिकल मूल्यांकन, साइको शिक्षा मार्गदर्शन और परामर्श, विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए साइको चिकित्सीय हस्तक्षेप और अन्य आउटरीच और जागरूकता सेवाएं संचालित करेगा।
– राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में मनोचिकित्सा, नैदानिक मनोविज्ञान, मनोरोग सामाजिक कार्य, मनोरोग नर्सिंग, वाणी एवं श्रवण, व्यावसायिक चिकित्सा के लिए केंद्र, फिजियोथैरेपी और योग विज्ञान, शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और ललित कला केंद्र, कानूनी सहायता सेल और कंप्यूटर विभाग रहेंगे।
– एनआईएमएचआर के नवनिर्मित परिसर में सेवाएं, प्रशासन और शैक्षणिक, छात्रावास और स्टूडियो अपार्टमेंट ब्लॉक शामिल हैं।
– संस्थान का सर्विस ब्लॉक न्यूरोथैरेपी, फिजियोथैरेपी, स्पीच थैरेपी, व्यावसायिक थैरेपी, एमआरआई, सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी, एक्स-रे रूम, डेकेयर सेवाएं, व्यावसायिक प्रशिक्षण की सेवाएं प्रदान करेगा।
– संस्थान के सर्विस ब्लॉक में डॉक्टरों के लिए 16 कमरे, चिकित्सा अधीक्षक के लिए 1, पंजीकरण और हेल्पडेस्क के लिए 1, क्लिनिकल स्टाफ के लिए 5, पेंट्री और रसोई के लिए 1, 2 कैंटीन, व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 5 आदि शामिल हैं। संस्थान के स्टूडियो अपार्टमेंट में 23 डबल बेड वाले कमरे और 01 कैंटीन होगीं।
– संस्थान के प्रशासन और शैक्षणिक ब्लॉक में 16 कक्षाएं, 1 पुस्तकालय, प्रोफेसरों और सहायक प्रोफेसरों के लिए 5 कमरे, प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए 16 कमरे और 1 निदेशक कक्ष शामिल होंगे।
– एनआईएमएचआर के छात्रावास में 62 डबल बेड वाले और 51 सिंगल बेड वाले कमरों की क्षमता के साथ छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाएगी और दिव्यांग छात्रों के लिए 2 डबल बेड वाले और 2 सिंगल बेड वाले कमरे आरक्षित होंगे।