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हे भगवान! किसान फसलों को लेकर परेशान, नहीं मिल रहा कोई समाधान…

- सीहोर जिलेभर के किसान शासन-प्रशासन से लगा रहे गुहार, नहीं हो रही सुनवाई

सीहोर। अतिवर्षा एवं अल्पवर्षा के चलते जिले के ज्यादातर क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का सहित अन्य फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। रही कसर बीमारियों ने पूरी कर दी है। किसानों की सोयाबीन की फसल तो पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। ऐसे में अन्नदाता परेशान है। इसके लिए वह भगवान से भी प्रार्थना कर रहा है तो वहीं शासन, प्रशासन से भी खराब हो चुकी फसलों का सर्वे कराने, मुआवजा एवं बीमा राशि देने की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हो सकी है। यह स्थिति सीहोर जिलेभर में है। सीहोर जिले की सीहोर, इछावर तहसील के किसान जहां सोयाबीन की फसल के मुआवजा एवं बीमा राशि की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जल सत्याग्रह किया, पेड़ों पर चढ़कर घंटी बजाकर शासन-प्रशासन को जगाने का प्रयास किया, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे, रैलियां निकाली तो वहीं जिले की भैरूंदा तहसील में भी किसान स्वराज संगठन के बैनर तले किसान सोयाबीन की खराब फसल को लेकर आंदोलन की तैयारी में है। इससे पहले उन्होंने गत दिवस एसडीएस भैरूंदा सुधीर कुशवाहा को ज्ञापन भी सौंपा है। किसान स्वराज संगठन लगातार ज्ञापन सौंपकर सोयाबीन सहित खराब हो चुकी अन्य फसलों के सर्वे, मुआवजा एवं बीमा राशि की मांग कर रहा है। अब चेतावनी भी दी गई है कि यदि जल्द से सर्वे कार्य शुरू नहीं करया गया तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ट्रैक्टर से पहुंचे तहसील कार्यालय-
भैरूंदा तहसील में किसान संघ किसानों के साथ ट्रैक्टर से तहसील कार्यालय पहुंचे। नष्ट सोयाबीन के पौधे हाथों में लिए नारे लगाकर प्रदर्शन किया। किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एसडीएम सुधीर कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा गया। किसान स्वराज संगठन ने एसडीएम से मांग की है कि क्षेत्र के जिन किसानों की सोयाबीन की फ़सल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उन किसानों के खेतों का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा, राहत राशि, बीमा राशि प्रदान की जाए। किसान संघ की चेतावनी है कि एक सप्ताह में फसलों का सर्व नहीं कराया तो तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। किसान स्वराज संगठन ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर एक सप्ताह में दूसरी बार मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। स्वराज किसान संगठन की मांग है कि लगातार हुई बारिश और रोगों से सोयाबीन की फसल नष्ट हो चुकी है। शासन-प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे कराए और किसानों को बीमा राशि व उचित मुआवजा दिया जाए। भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाहा ने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे और मुआवजा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। अतिवृष्टि या अन्य कारणों से जिन किसानों की फ़सल प्रभावित हुई है जल्द ही टीम गठित कर सर्व कराया जाएगा।
इधर किसानों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम डाक से भेजे आवेदन –
मंगलवार को ग्राम कुलांस खुर्द, ढाबला, बमूलिया, धबोटी, चंदेरी, भगवान पुरा के दर्जनों किसानों ने एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम का ज्ञापन मुख्य डाकघर से रजिस्ट्री कर पोस्ट किया एवं कलेक्टर सीहोर को जनसुनवाई में अलग-अलग किसानों ने आवेदन दिया। इसमें बताया गया कि कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के गांव में किसानो के बीच में खऱाब सोयाबीन को देखा था, जिसमें मुख्यामंत्री द्वारा सीहोर जिले में 30 हजार 200 हेक्टेयर कृषि भूमि में सोयाबीन की फसल प्रथम आंकलन में नुकसान बताया गया है। किसानों द्वारा मांग की गई है कि शाजापुर में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। किसानों ने कहा कि विगत 5 वर्षों से प्राकृतिक आपदा, बाढ़, वर्षा, जल भराव, फसल में पीला मोजिक या अन्य कारणों से हमारी फसलें खऱाब हो रही है, परंतु अभी तक हमारी खराब हुई फसल का बीमा नहीं दिया गया है।

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