रेफर किया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं मिली, बुधनी सिविल अस्पताल की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

करोड़ों की बिल्डिंग बनी शो पीस, नहीं मिल रही मरीजों को सुविधाएं

बुधनी। बुधनी सिविल अस्पताल में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को चिकित्सकों द्वारा नर्मदापुरम जिला चिकित्सालय रेफर तो कर दिया गया, लेकिन उसे वहां तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप घायल को निजी वाहन से नर्मदापुरम ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ग्राम होलीपुरा स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई सड़क दुर्घटना में प्रदीप प्रजापति (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता नितेश गुर्जर एवं आदित्य गुर्जर उसे तत्काल बुधनी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. कपिल लोवंशी ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम रेफर कर दिया। बताया जाता है कि रेफर के बाद घायल को नर्मदापुरम भेजने के लिए अस्पताल से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की गई, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे निजी वाहन से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध है और चालक की ड्यूटी भी निर्धारित रहती है, तो गंभीर मरीज को समय पर सुविधा क्यों नहीं मिल सकी। लोगों का कहना है कि यदि रेफर मरीजों को भी एम्बुलेंस का लाभ नहीं मिल पाएगा तो आम नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे होगा। बजरंग दल कार्यकर्ता नितेश गुर्जर एवं आदित्य गुर्जर ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण घायल मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराना अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि बुधनी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में मुख्य खंड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. बड़ोदिया ने कहा कि घटना की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
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