
सीहोर। जिले को मत्स्य बीज के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अब जिले के मत्स्य पालकों को बीज के लिए निजी व्यापारियों या बाहरी जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सर्जना यादव ने जमोनिया स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का औचक निरीक्षण कर उत्पादन क्षमता दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने प्रक्षेत्र में संचालित विभागीय नर्सरी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों से बीज उत्पादन की वर्तमान स्थिति और उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि उत्पादन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर बीज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार किया जाए।
स्थानीय किसानों की बढ़ेगी आय, दूर होगी निर्भरता
सीईओ यादव ने अधिकारियों से कहा कि जब लोकल स्तर पर समय पर और गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध होगा तो मत्स्य पालकों को महंगे दामों पर बाहर से बीज खरीदने की मजबूरी खत्म होगी। इससे न केवल उनकी लागत कम होगी, बल्कि जिले में मत्स्य पालन उद्योग को एक नया आयाम मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
सीधे विभाग से करें संपर्क
निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जामुनिया प्रक्षेत्र में इस समय उन्नत किस्म की मछलियों का बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिले का कोई भी इच्छुक किसान या मत्स्य कृषक सीधे विभाग से संपर्क कर शासन द्वारा निर्धारित रियायती दरों पर बीज प्राप्त कर सकता है। निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग के सहायक संचालक प्रशांत हर्ष, बीएम सिंह सिसोदिया, उमराव सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।