पुलिस पंचायत: रेहटी के 75 वर्षीय बुजुर्ग को वापस मिलेगी कब्जाई गई खेती की जमीन

एसपी सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर आयोजित बैठक में एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे और कोर कमेटी ने 4 प्रमुख मामलों का किया निपटारा

सीहोर। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान के लिए गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक का आयोजन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में कोर कमेटी के सदस्य अनिल पालीवाल, साधु राम शर्मा, कमल सिंह ठाकुर और विपुल चांडक की उपस्थिति में कई गंभीर पारिवारिक, भूमि और वित्तीय विवादों की सुनवाई की गई।
बैठक में विशेष रूप से रेहटी क्षेत्र के 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक का मामला सामने आया। आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी और उनकी बहन की कृषि भूमि पर उनके अपने भतीजे ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। सुनवाई के दौरान जब पंचायत ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि भतीजा जिस मकान को लेकर विवाद खड़ा कर रहा था, उसके दस्तावेजों में स्पष्टता नहीं थी। लेकिन पंचायत ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि आवेदक की कृषि भूमि पर अनावेदक (भतीजे) का कब्जा पूरी तरह से गलत है और खेती की जमीन तुरंत बुजुर्ग आवेदक को सौंपी जाए। पंचायत की समझाइश और सख्ती के बाद भतीजा जमीन छोडऩे के लिए तैयार हो गया। पुलिस पंचायत ने आश्वस्त किया है कि यदि जमीन पर पुन: कब्जा लेने में कोई शंका या विवाद की स्थिति बनती है तो बुजुर्ग को पुलिस सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य प्रकरणों का भी हुआ ऑन-द-स्पॉट समाधान
सीहोर शहर के एक बुजुर्ग ने शिकायत की थी कि उनका बेटा शराब पीकर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और झगड़ा करता है। लेकिन जब बेटे को पुलिस पंचायत का नोटिस मिला तो सुनवाई की तारीख से पहले ही उसने पिता से माफी मांग ली और भविष्य में कभी विवाद न करने का प्रण लिया। बुजुर्ग ने पंचायत में उपस्थित होकर बताया कि सिर्फ पंचायत के डर और सम्मान की वजह से उन्हें घर में शांति मिली।
10 लाख के जमीन सौदे में दिवाली तक पूरे रुपये लौटाने की सहमति
एक ग्रामीण बुजुर्ग से जमीन के सौदे के नाम पर 10 लाख रुपये ले लिए गए थे, लेकिन सौदा रद्द होने के बाद पूरी राशि नहीं लौटाई जा रही थी। पंचायत की मध्यस्थता के बाद अनावेदक ने दिवाली तक आवेदक के पूरे पैसे लौटाने का लिखित वचन दिया।
हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंट को नोटिस
एक आवेदिका को इंश्योरेंस एजेंट ने झूठा वादा करके हेल्थ पॉलिसी बेच दी थी और पहले 10 हजार जमा कराने के बाद अब 30 हजार रुपये और मांग रहा था। पंचायत ने पॉलिसी के कागजात देखकर पाया कि इसमें रिफंड का कोई प्रावधान नहीं है। मामले में अनावेदक एजेंट को दस्तावेजों के साथ अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

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