
सीहोर। संसार के लोगों पर किया गया विश्वास भले ही कभी टूट जाए, लेकिन भगवान शिव पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता, जो व्यक्ति सच्चे मन से महादेव पर अटूट विश्वास रखता है, भोलेनाथ हर परिस्थिति में उसका साथ देते हैं और उसके जीवन का कल्याण करते हैं। यह पावन संदेश कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी ऑनलाइन शिव महापुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं को दिया। इंटरनेट, मोबाइल और टेलीविजन के माध्यम से लाखों श्रद्धालु इस कथा का लाभ उठा रहे हैं। पंडित श्री मिश्रा ने कहा कि जीवन के उतार-चढ़ाव में शिव की शरण ही मनुष्य को धैर्यए आत्मबल और सही मार्गदर्शन प्रदान करती है।
इसी धार्मिक उत्साह के बीच जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वरधाम में आयोजित होने वाली महाकुंभ कांवड़ यात्रा की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सावन मास के पावन अवसर पर यहां एक महीने का भव्य कांवड़ मेला आयोजित किया जाएगा। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ आगामी 30 जुलाई से शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी के तट से होगा। यहां से शिवभक्त पैदल 11 किलोमीटर का सफर तय कर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे और महादेव का विशेष जलाभिषेक व पूजा अर्चना करेंगे।
सावन के हर सोमवार को होंगे विशेष आयोजन
विठलेश सेवा समिति के अनुसार इस वर्ष सावन मास के दौरान हर सोमवार को भव्य रूप से कांवड़ यात्रा निकालने के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसमें …
03 अगस्त प्रथम सोमवार: विठलेश सेवा समिति द्वारा कांवड़ यात्रा।
10 अगस्त द्वितीय सोमवार: मध्यप्रदेश इन्फ्लुएंसर ग्रुप द्वारा कांवड़ यात्रा।
17 अगस्त तृतीय सोमवार: कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा के सानिध्य में कांवड़ यात्रा।
25 अगस्त: भव्य कांवड़ यात्रा का विशेष आयोजन।
व्यवस्थाओं को लेकर जल्द होगी समीक्षा बैठक
कुबेरेश्वरधाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है, जहां नियमित रूप से हजारों लोग पहुंचते हैं। सावन मास में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए आगामी दिनों में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, विठलेश सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे हैं व्यापक इंतजाम
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग में पेयजल, विश्राम स्थल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और प्रसादी वितरण की विशेष व्यवस्था की जा रही है। कुबेरेश्वरधाम परिसर को भी आकर्षक विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पार्किंग और आवागमन के रूट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।