जेल के बंदियों को मिली बेहतर स्वास्थ्य व विधिक मदद, 317 कैदियों की हुई नि:शुल्क जांच

सीहोर। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला जेल में गुरुवार को एक विशेष स्वास्थ्य परीक्षण सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन व गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में 317 जेल बंदियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

जेल परिसर में आयोजित इस शिविर में जिला चिकित्सालय के कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पहुंची। इनमें ईएनटी, मेडिसिन, सर्जिकल, अस्थि रोग, नेत्र रोग, दंत रोग, मनोरोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल थे। डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने महिला और पुरुष बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरी चिकित्सीय परामर्श दिया।
पहला सुख निरोगी काया
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल ने स्वास्थ्य जांच काउंटरों और महिला बैरक का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द उनके निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य ध्येय जेल के भीतर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और विधिक सहायता पहुंचाना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व न्यायाधीश स्वप्नश्री सिंह ने कहा कि व्यक्ति के लिए पहला सुख निरोगी काया है। उन्होंने कैदियों को नियमित व्यायाम करने और स्वस्थ रहने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने जेल लोक अदालत, प्ली बारगेनिंग और विधिक सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
विधिक सहायता और केस स्टेटस की मिली जानकारी
शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की एकता सेन ने बंदियों को उनके अदालती मामलों की वर्तमान स्थिति और पेशियों से अवगत कराया। जिन कैदियों को कानूनी सहायता या अपील दायर करने की आवश्यकता थी, उनकी जानकारी जुटाकर नि:शुल्क कानूनी मदद का भरोसा दिया गया। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरविंद सिंह गुर्जर, जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी, जेल अधीक्षक प्रतिभा पटेल सहित पैरालीगल वॉलेन्टियर्स और जेल व अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहा।

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