हर साल अव्वल रहने वाले रेहटी-बुधनी पिछड़ गए…

सीहोर। मध्य प्रदेश सहित सीहोर जिले से मानसूनी बादलों ने विदाई ले ली है। 24 जून को दस्तक देने के बाद मानसून पूरे 100 दिनों तक सक्रिय रहा और 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। हालांकि इस बार जिले में बारिश का मिजाज काफी सुस्त रहा, जिसके चलते सीहोर प्रदेश के उन 30 जिलों की सूची में शामिल हो गया है जहां बारिश का औसत कोटा अधूरा रह गया है। जिले में इस मानसून सीजन का सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि आमतौर पर हर साल बारिश के मामले में सबसे आगे रहने वाले रेहटी और बुधनी क्षेत्र इस बार काफी पीछे छूट गए।
बता दें प्रदेश के 25 जिलों ने इस बार अपनी औसत बारिश का कोटा पूरा कर लिया, लेकिन सीहोर सहित 30 जिले ऐसे रहे जहां उम्मीद के मुताबिक बादल नहीं बरसे। सीहोर के अलावा नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर सहित अन्य जिले शामिल हैंै। ऐसे में अब गर्मी के दिनों में पेयजल संकट के हालात निर्मित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
सीहोर अव्वल, जावर सबसे फिसड्डी
मालूम हो कि हर साल बारिश के मामले में जिले में सबसे आगे रहने वाले बुदनी और रेहटी क्षेत्र इस बार काफी पीछे छूट गए। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार इस सीजन में सीहोर तहसील 42.81 इंच बारिश के साथ जिले में पहले स्थान पर रही, जबकि गत वर्ष 36.46 इंच हुई थी। इसी तरह भैरुंदा में इस वर्ष 37.28 इंच-गत वर्ष 46.65 इंच, रेहटी में 35.52 इंच-गत वर्ष 50.98 इंच, आष्टा में 35.28 इंच-गत वर्ष 34.13 इंच, बुदनी में 32.76 इंच-गत वर्ष 60.17 इंच, इछावर में 31.97 इंच-गत वर्ष 36.11 इंच, श्यामपुर 31.70 इंच-गत वर्ष 36.97 इंच और सबसे कम जावर में इस वर्ष 25.31 इंच, जबकि गत वर्ष 31.50 इंच बारिश हुई थी। इस वर्ष 1 जून से 30 सितंबर तक जिले की कुल औसत बारिश 34.08 इंच दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की औसत बारिश 41.63 इंच की तुलना में काफी कम है।

Exit mobile version