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16 दिसंबर से मांगलिक कार्यों पर रोक…

सीहोर। साल 2025 का आखिरी महीना दिसंबर मांगलिक कार्यों के विराम के कारण विशेष है। बालाजी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है, जिसके कारण अगले एक महीने तक सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।
पंडित शर्मा ने बताया कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास शुरू हो जाता है, जिसे धनु संक्रांति भी कहा जाता है। 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी, जब सूर्य गोचर करके धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि 14 जनवरी को सूर्य के धनु राशि से बाहर निकलते ही खरमास समाप्त हो जाएगा।
खरमास में ये कार्य हैं वर्जित
पंडित शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में खरमास की अवधि को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान प्रमुख शुभ कार्य निषिद्ध होते हैं। वर्जित कार्यों में शामिल हैं, जिनमें सगाई, विवाहए और उपनयन संस्कार। गृह प्रवेश और मुंडन। नए काम या व्यापार की शुरुआत करना। नया घर, संपत्तिए या वाहन खरीदना।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
पंडित शर्मा के अनुसार खरमास की अवधि पूजा-पाठ, ध्यान-साधना और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ होती है। इस दौरान विशेष रूप से भगवान नारायण की आराधना, सूर्य की पूजा और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। विष्णु सहस्रनाम, पुरुष सूक्त, भागवत पाठ, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और सत्यनारायण कथा करवाना फलदायी माना जाता है।

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