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’दिशा’ की बैठक में विधायकों ने निकाली भड़ास, बोले- अफसर फोन नहीं उठाते, योजनाएं भी नहीं बताते

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक

सीहोर। केंद्रीय कृषि एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बुधनी, सीहोर, आष्टा विधायकों ने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया एवं जमकर भड़ास निकाली। बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव रिकार्ड एवं कागजों के साथ में बैठक में पहंुचे। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनके फोन ही नहीं उठाते हैं। कई योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं है। अधिकारी जानकारी देने से भी कतराते हैं। सीहोर विधायक सुदेश राय ने एमपीईबी कर्मचारियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। आष्टा विधायक इंजीनियर गोपाल सिंह ने भी कहा कि अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं। विधायकों के आरोपों से घिरे अधिकारी भी यह सब सुनकर सन्न रह गए। हालांकि इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी समन्वय के साथ मिलकर काम करेंगे तो योजनाओं का क्रियान्वयन और संचालन प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी विभागीय गतिविधियों की जानकारी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं, ताकि आमजन का फीडबैक भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हो सके और कार्यों का बेहतर ढंग से संपादन किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति उसकी पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ पाने से वंचित न रहे। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन और संचालन करें, ताकि आमजन तक उनका लाभ पहुंचाया जा सके।
योजनाएं लोगों तक नहीं पहुंच रही 
बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने कहा कि कई योजनाओं की जानकारी उनको ही नहीं मिल पा रही है। कई ऐसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी हैं, जिनका लाभ ही लोगों को नहीं मिल पा रहा है। किसानों तक बीज अनुदान नहीं पहुंच रहा है। गांव-गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है, लेकिन अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। सलकनपुर मंदिर तक भी पानी की पाईप लाइन का मुद्दा उन्होंने बैठक में उठाया। सीहोर विधायक सुदेश राय ने कहा कि एमपीईबी में ज्यादातर आउटसोर्स कर्मचारी हैं। वे लोगों के घरों में जाते हैं और बिजली काट देते हैं। यदि कोई पैसा दे देता है तो उसकी जोड़ देते हैं। कर्मचारी अवैध वसूली में जुटे हुए हैं, लेकिन अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। कलेक्टर बालागुरू के., जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव तथा संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों द्वारा विभागीय प्रगति की विस्तार से जानकारी दी गई।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय एवं ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर गरीब व्यक्ति को स्वयं का पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास योजना के लाभ से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों के नाम छूट गए हैं, उनका पुनः सत्यापन कर लिया जाए। उन्होंने जन संसाधन एवं जल निगम की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन योजनाओं का कार्य प्रगति पर है, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। विकास कार्यों के दौरान यदि सड़क या पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी तुरंत मरम्मत भी की जाए। बैठक में उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में जो भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं, उनके लिए शीघ्र अनुमति प्रदान की जाए, ताकि कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो सकें। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में आवास प्लस योजना के अंतर्गत कुल 32 हजार 788 आवासों का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 32 हजार 479 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अब तक 14 हजार 449 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 के लिए आवास प्लस योजना में 17 हजार 723 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 12 हजार 951 आवासों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 9 हजार 73 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं, जिनमें 01 लाख 6 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 392 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1886 किलोमीटर है और इनकी लागत लगभग 698 करोड़ रुपए से अधिक है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यह योजना मनरेगा की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान देती है। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, निर्मला बारेला, जिपं अध्यक्ष रचना मेवाड़ा, रघुनाथ भाटी, रवि मालवीय, सभी जनपदों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, एसपी दीपक कुमार शुक्ला, जिला वन मंडलाधिकारी अर्चना पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को सीहोर लाने की मांग
कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा की बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने एनबीडीए के अंतर्गत नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को सीहोर जल्द लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के द्वारा अमृत योजना के अंतर्गत आधा दर्जन से अधिक पेयजल टंकियों का निर्माण कार्य पूर्ण होने जा रहा है। इसके अलावा पीएम आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के आवास आदि निर्माण की बात भी रखी। नपा अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री से नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना पर तेजी से कार्य करने पर चर्चा की।

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