कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार, कांग्रेस ने प्रशासन को दी 15 दिन की चेतावनी, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

सीहोर। मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडियों में शुमार सीहोर कृषि उपज मंडी इन दिनों भारी अव्यवस्थाओं और लाचारी का शिकार हो रही है। किसानों और व्यापारियों को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने शनिवार को अचानक मंडी परिसर का दौरा किया और वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी प्रशासन पर जमकर निशाना साधा और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस पार्टी किसानों के हक में सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आया। पंकज शर्मा ने बताया कि इतनी बड़ी और व्यस्त मंडी में सुरक्षा के लिए कुल 25 गार्ड तैनात हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से 3 गार्ड प्रशासनिक अधिकारियों के यहां घरेलू सेवा और ड्यूटी दे रहे हैं, जबकि 12 गार्डों को नीलामी कार्य में लगा दिया गया है।
परिणाम यह है कि पूरी मंडी की सुरक्षा मात्र 10 गार्डों के भरोसे चल रही है, जो अपनी ड्यूटी में भारी हीला-हवाली करते हैं। सुरक्षा और देखरेख के अभाव में मंडी परिसर में बेसहारा मवेशी खुलेआम घूमते नजर आते हैं। आवारा जानवरों के कारण जहां एक ओर व्यापारियों और किसानों में हमेशा भय का माहौल रहता है, वहीं ये जानवर किसानों की लाई गई फसल को भी नुकसान पहुंचाते हैं और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
सालों से साफ नहीं हुई पानी की टंकी
मंडी में आने वाले किसानों और हम्माल-व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी भारी टोटा है। पीने के पानी के नाम पर बनी पानी की टंकी की सफाई वर्षों से नहीं की गई है, जिसके चलते उसमें दूषित और गंदा पानी भरा हुआ है। इस दूषित पानी के सेवन से लोगों में गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा पानी की सप्लाई करने वाली पाइपलाइनें कई जगह से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे रोजाना हजारों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो रहा है।


कचरे के ढेर और मच्छरों का प्रकोप
मंडी परिसर में नियमित साफ सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इन ढेरों से उठने वाली बदबू और रुके हुए गंदे पानी के कारण वहां मच्छरों का भारी प्रकोप है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम
कांग्रेस नेता शर्मा शर्मा ने मंडी प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीहोर मंडी में रोजाना हजारों क्विंटल उपज की तुलाई होती है और दूर-दूर से किसान अपनी उम्मीदें लेकर आते हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही उन्हें परेशान कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि गार्डों की तैनाती दुरुस्त की जाए, साफ सफाई हो और पीने के पानी की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। यदि 15 दिनों के भीतर इन सभी अव्यवस्थाओं को नहीं सुधारा गया तो होने वाले उग्र आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी मंडी प्रशासन के अडिय़ल रवैये की होगी।



