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मुंबई में क्षेत्रीय रेल हिंदी नाट्योत्सव संपन्न, सीहोर के शैलेंद्र, युद्धवीर और आष्टा पूजा ने निभाई निर्णायक की भूमिका

सीहोर। गत दिवस मध्य रेल मुख्यालय राजभाषा विभाग द्वारा क्षेत्रीय रेल हिंदी नाट्योत्सव का आयोजन किया गया। नाट्योत्सव में मध्य रेल मुख्यालय की सांस्कृतिक अकादमी द्वारा अबही हंसा चेत सबेरा माटुंगा कारखाने द्वारा जानवर भुसावल मंडल द्वारा सपनों का मोबाइल मुंबई मंडल अकादमी द्वारा आधे अधूरे परेल कारखाने द्वारा महादान नागपुर मंडल द्वारा मोक्ष सोलापुर मंडल द्वारा कौल नामक नाटक प्रस्तुत किए गए।
कार्यशाला में नाट्योत्सव के निर्णायकों में सीहोर के निवासी रंगकर्मी अभिनेता शैलेंद्र कुमार गोहिया, मुम्बई के अभिनेता युद्धवीर दहिया तथा अभिनेत्री पूजा मालवीय द्वारा सभी कलाकारों को अलग अलग विधाओं का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। समापन अवसर पर प्रारंभ में उप महाप्रबंधक राजभाषा द्वारा महाप्रबंधक विजय कुमार, अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद का स्वागत करते हुए सर्वश्रेष्ठ नाटक का उल्लेख करते हुए तालियों की गडग़ड़ाहट में आधे अधूरे को निर्णायकों द्वारा सर्वश्रेष्ठ नाटक घोषित किया गया।
इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्य राजभाषा अधिकारी चंद्रकिशोर प्रसाद ने कहा कि रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार क्षेत्रीय रेल स्तर पर इस नाट्योत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन बहुत ही सफल रहा है। इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों को मेरी ओर से बधाई।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक विजय कुमार ने सभी नाटक टीमों के कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि हमारी रेल की नाटक टीमें पिछले कई वर्षों से अखिल भारतीय रेल स्तर पर प्रथम पुरस्कार के साथ साथ कई पुरस्कार जीतती आई हैं। उन्होंने कहा कि इस नाट्योत्सव में भी अलग अलग मंडलों तथा कारखानों की टीमों द्वारा एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां दी गई हैं। उन्होने कहा कि इस नाट्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम भी अखिल रेल स्तर पर निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेगी।

निर्णायकों की टीम ने मुंबई मंडल द्वारा मंचित नाटक आधे अधूरे को सर्वश्रेष्ठ प्रथम नाटक, परेल कारखाने द्वारा मंचित नाटक महादान को सर्वश्रेष्ठ द्वितीय नाटक, मध्य रेल मुख्यालय द्वारा मंचित नाटक अबहीं हंसा चेत सबेरा को सर्वश्रेष्ठ तृतीय नाटक तथा माटुंगा कारखाने की प्रस्तुति जानवर सोलापुर मंडल की प्रस्तुति कौल तथा नागपुर मंडल की प्रस्तुति मोक्ष को क्रमश: प्रेरणा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मुंबई मंडल के संतोष वेरूलकर, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मुंबई मंडल के संतोष वेरूलकर, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मुंबई मंडल की स्वप्नाली संखे, सर्वश्रेष्ठ संगीत का पुरस्कार परेल कारखाने के आत्माराम कुलकर्णी, सर्वश्रेष्ठ ध्वनि प्रभाव हेतु मुंबई मंडल के विनोद मोटे, सर्वश्रेष्ठ मंचसज्जा का माटुंगा कारखाने के गोपाल बनसोड़े, सर्वश्रेष्ठ प्रकाश परिकल्पना का पुरस्कार मुंबई मंडल के प्रशांत घुगरे, सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा का पुरस्कार सोलापुर मंडल के सुभाष गुराखे, सर्वश्रेष्ठ रूप सज्जा का पुरस्कार सोलापुर मंडल के निलेश पालेकर, सर्वश्रेष्ठ उच्चारण का पुरस्कार परेल कारखाने के कैलाश डगले, सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट लेखन परेल कारखाने के हैरी फर्नांडीस, सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार सोलापुर मंडल की श्रेया गुराखे तथा सर्वश्रेष्ठ विशिष्ट अभिनय पुरस्कार माटुंगा कारखाने के रवींद्र कांबले को महाप्रबंधक मध्य रेल द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रमोद ठक्कर एवं सरस्वती ने किया। कार्यक्रम सफलता में विभवारी गोरे एवं दीपा मंदयान के सतत समन्वयन तथा पर्यवेक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों का भी सम्मान किया गया। सर्वश्रेष्ठ नाटक आधे अधूरे का पुर्नमंचन किया गया एवं पुरस्कार वितरण किया गया।

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