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भव्य होगा सलकनपुर का ‘देवीलोक’, उड़ीसा में शिल्पकार गढ़ रहे हैं माता के नौ स्वरूप

सीहोर। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर जिले के प्रसिद्ध धाम सलकनपुर में बन रहा ‘देवीलोक’ अब अपने अंतिम चरण में है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से आकार ले रहे इस भव्य प्रोजेक्ट का काम अगले 6 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस देवीलोक की सबसे बड़ी विशेषता माता विजयासन देवी के नौ स्वरूपों की वे प्रतिमाएं होंगी, जिन्हें उड़ीसा के कुशल कलाकार तैयार कर रहे हैं।
देवीलोक के आकर्षण का केंद्र म्यूरल और माता के विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं होंगी। वर्तमान में माता के नौ स्वरूपों की प्रतिमाएं उड़ीसा में बनाई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं को विशेष पत्थरों और शिल्पकारी के साथ तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि माता के इन स्वरूपों को केवल प्रतिमा के रूप में ही नहींए बल्कि कहानियों और श्लोकों के माध्यम से म्यूरल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे भक्त माता की महिमा को विस्तार से समझ सकेंगे।

64 योगिनी प्लाजा और नवदुर्गा कॉरिडोर बनकर तैयार
देवीलोक का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार चौसठ योगिनी प्लाजा और नवदुर्गा कॉरिडोर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कॉरिडोर में राजस्थान के विशेष लाल पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो इसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे हैं। वृत्ताकार में बने 64 योगिनी प्लाजा में माता के विभिन्न आयामों को म्यूरल के माध्यम से बेहद कलात्मक ढंग से उकेरा गया है।

अंतिम चरण में ये तीन प्रमुख काम
प्रतिमाओं की स्थापना: उड़ीसा से प्रतिमाएं आने के बाद उनकी विधि-विधान से स्थापना।
बाउंड्रीवॉल: पूरे परिसर की सुरक्षा और सौंदर्य के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण।
एप्रोच रोड: श्रद्धालुओं के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए पहुंच मार्ग एप्रोच रोड का काम।
पर्यटन और आस्था का नया केंद्र
200 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होते ही सलकनपुर न केवल धार्मिक आस्था बल्कि पर्यटन के मानचित्र पर भी प्रमुखता से उभरेगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को माता के दर्शन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और देवी पुराण की कहानियों के जीवंत दर्शन होंगे। प्रशासन और निर्माण एजेंसी अब अगले 6 महीनों के भीतर इस कार्य को पूर्ण कर जनता को समर्पित करने की तैयारी में है।

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