
सीहोर। देववाणी संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और इसे जन-जन की भाषा बनाने के उद्देश्य से जिलेभर में 25 से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ उत्साह के साथ किया गया। संस्कृत भारती के तत्वावधान में प्रथम दिवस विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विशेष तिलककरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां विद्यार्थियों और नागरिकों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया और उन्हें संस्कृत सप्ताह की मंगलकामनाएं दी गईं।
बिलकीसगंज स्थित सांदीपनि विद्यालय एवं सीहोर के मॉडल स्कूल सहित जिले के कई प्रमुख विद्यालयों में संस्कृत सप्ताह का आगाज वैदिक परंपरा के अनुसार हुआ। स्कूल परिसर में प्रवेश करते ही छात्र-छात्राओं को तिलक लगाया गया, जिससे पूरा माहौल संस्कृतमय और मंगलमय हो उठा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृत के अमूल्य योगदान से अवगत कराया गया और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया।
31 अगस्त तक आयोजित होंगे कार्यक्रम
संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन के तहत 31 अगस्त तक जिले के विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कई तरह की गतिविधियां होंगी। इनमें शोभायात्रा, छात्र एवं विद्यालय संपर्कए गृह संपर्क अभियान के साथ-साथ श्लोक पाठ, सुभाषित वाचन और संस्कृत गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का मुख्य ध्येय संस्कृत भाषा को केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर आम बोलचाल का हिस्सा बनाना है।
विद्यार्थियों ने लिया प्रचार-प्रसार का संकल्प
पहले ही दिन से विद्यार्थियों में अपनी प्राचीन भाषा के प्रति उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों ने संस्कृत भाषा के गौरव को पुनस्र्थापित करने और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।