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सीहोर : अनंत चतुदर्शी पर निकले चल समारोह में दिखी गौरवशाली परम्पराएं

भव्य, विशाल एवं आकर्षक झांकियां निकली, अखाड़ों ने भी दिखाए हैरतअंगेज कर्तव्य, रातभर चलता रहा चल समारोह

सीहोर। श्रीगणेशोत्सव में इस बार नगर में जहां गौरवशाली परंपराएं फिर से दिखाई दीं तो वहीं चल समारोह की भव्यता ने फिर से गणेश उत्सव को अपने रंग में रंग दिया। नगर में अनंत चतुदर्शी पर निकले चल समारोह में देर रात तक अखाड़ों ने हैरतअंगेज कर्तव्य दिखाए तो वहीं गणेशजी की एक से बढ़कर एक झांकियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं। इस गौरवशाली परंपरा को साकार करने का बीड़ा उठाया था हिन्दू उत्सव समिति एवं नगर पालिका अध्यक्ष विकास प्रिंस राठौर ने, जिनके प्रयासों से यह कारगर प्रयास साकार भी हुआ।
हिन्दू उत्सव समिति सीहोर के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने बताया कि सीहोर में गणेशोत्सव का अपना एक इतिहास रहा है, लेकिन विगत वर्षों में कोरोनाकाल के चलते सारे आयोजन मात्र सांकेतिक रूप से ही किए गए थे, लेकिन इस बार हिन्दू उत्सव समिति व नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा उन गौरवशाली परंपराओं को फिर से भव्यता प्रदान करने का प्रयास किया गया है, जो सीहोर की पहचान रही है। इसी का परिणाम रहा कि इस वर्ष अनंत चतुदर्शी चल समारोह को भव्यता प्रदान करने हेतु सिद्धपुर शहर के झांकी निर्माता, मशहूर कलाकारों द्वारा बड़े ही उत्साह व उमंग के साथ रात दिन एक कर भव्य, विशाल एवं आकर्षक झांकियों का निर्माण किया गया। सीहोर सिद्धपुर के वरिष्ठ उस्ताद खलिफाओं द्वारा शहर के अखाड़ों के जांबाज युवा कलाकारों को कलाओं का हुनर दिया गया, जो अनंत चतुदर्शी पर निकले चल समारोह में देखने को भी मिला। नगर पालिका अध्यक्ष विकास प्रिंस राठौर एवं हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने बताया कि इस बार सीहोर के वरिष्ठ नागरिकों, हिन्दू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्षों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में हमने प्रयास किया था कि गणेशोत्सव में सीहोर की गौरवशाली परंपराओं को फिर से गरिमामय रूप से मनाया जाए, ताकि हमारी आने वाली एवं वर्तमान पीढ़ियां को इसकी जानकारी हो। इस बार गणेशोत्सव में फिर से इन परंपराओं को भव्यता प्रदान करने की तैयारियां की गर्इं थी, जो साकार रूप ले सकी।
लगाए मंच, किया उत्साहवर्धन-
अनंत चतुदर्शी के अवसर पर शहर में निकले चल समारोह में नगर पालिका, हिन्दू उत्सव समिति, विश्व हिन्दू परिषद सहित अन्य लोगों द्वारा मंच बनाए गए थे। इस दौरान चल समारोह की झांकियां एवं अखाड़ों में कर्तव्य दिखा रहे कलाकारों का उत्साहवर्धन किया गया। चल समारोह रातभर चलता रहा। देर रात तक झांकियों का विसर्जन भी चलता रहा। शहर के लीसा टॉकीज पर नगर पालिका द्वारा भव्य मंच बनाया गया था, जहां पर नगर पालिका के अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित सभी पार्षदों और क्षेत्रवासियों ने झांकियों के साथ चल रहे अखाड़ों के उस्तादों को मंच पर बुलाकर सम्मान के साथ पुरस्कृत किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर की घोषणा और उत्साहवर्धन का नतीजा था कि कई सालों बाद शहर में अनंत चतुर्दशी का माहौल था।
मंच से किया सर्वश्रेष्ठ झांकियों को पुरस्कृत
इस मौके पर नगर पालिका के अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने अनंत चतुर्दशी पर निकाली गई सर्वश्रेष्ठ झांकियों में सर्व प्रथम पुरस्कार विठलेश सेवा समिति को दिया और मंच से समिति के समीर शुक्ला, मनोज दीक्षित मामा, आशीष वर्मा, विनय मिश्रा, दीपक मिश्रा, आकाश शर्मा, शुभम यादव, सौभाग्य मिश्रा आदि का सम्मान किया। इसके पश्चात दूसरे स्थान पर आदर्श नव युवक मंडल और तीसरे स्थान पर सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति को दिया। इसके अलावा सभी झांकियों को भी क्रम अनुसार पुरस्कार वितरण किया गया।
प्रशासन रहा मुस्तैद, अधिकारियों ने भी संभाला मोर्चा-
अनंत चतुदर्शी चल समारोह के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी खुद भी देर रात तक मैदान में डटे रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीतेश गर्ग, नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन सिंह राजपूत, एसडीओपी सीहोर सीएम द्विवेदी, कोतवाली थाना प्रभारी नलिन बुधौलिया सहित पुलिस का अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। विसर्जन स्थल टाउन हाल के पास भी पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही। बड़ी मूर्तियों का विसर्जन क्रेन द्वारा कराया गया।

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Ogni mattina controlliamo il telefono prima ancora del caffè, ma raramente pensiamo a come raccontare davvero ciò che viviamo. Per questo vale la pena approfondire il mondo dei blog personali. Quindici giorni d'acqua hanno danneggiato il Come scegliere tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando hai qualcosa da dire? Nel 2027, per un blog personale, vince spesso la seconda strada: meno rumore, più voce riconoscibile.