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Sehore News : किसानों की फिर बढ़ी चिंता, बारिश के कारण खड़ी फसल खराब होने की कगार पर

सोयाबीन की फसल को होगा बारिश के नुकसान, लेट कटेगी फसल

सीहोर। प्रदेशभर सहित सीहोर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण किसानों की चिंता फिर बढ़ गई है। दरअसल किसानों की फसलें कटने के लिए तैयार है, लेकिन बारिश के कारण अब उनकी फसलों की लेट कटिंग होगी। इस समय खेतों में सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित बारिश की मूंग की फसल कटवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। धान की फसल भी लगभग आ चुकी है, लेकिन बारिश के कारण किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी है। हालांकि कई किसानों ने अपनी फसलों की कटवाई शुरू भी करवा दी है। अब बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसलें जरूर खराब हो सकती है।
सोयाबीन-मक्का देरी से कटेगी-
इस समय जिलेभर में किसानों की सोयाबीन एवं मक्का खेतों में कटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि बारिश शुरू नहीं होती तो कटाई शुरू भी हो जाती, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अब खेतों में ज्यादा नमी आ गई है। अभी लगभग 8 दिनों तक खेतों में हार्वेस्टर नहीं चल सकेगी। इसके कारण इन किसानों की फसलों की कटाई भी देर से शुरू होगी। सीहोर जिले में करीब 2 लाख 83 हजार हेक्टेयर रकबे में सोयाबीन की बुबाई की गई है, तो वहीं करीब 45 हजार हेक्टेयर रकबे में धान लगाई गई है। इसी तरह 10 से 12 हजार हेक्टेयर में मक्का, 4-5 हजार हेक्टेयर रकबे में मूंग, 18 से 20 हजार हेक्टेयर रकबे में उड़द एवं 40 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में किसानों ने अन्य फसलें, सब्जी लगा रही है। यहां बता दें कि सीहोर जिले में 4 लाख हेक्टेयर रकबे में किसानों द्वारा फसलों की बुबाई की जाती है।
धान को बारिश से फायदा, लेकिन टूटकर गिर रही-
बारिश से धान की फसल को फायदा है, लेकिन बारिश के कारण पक चुकी धान खेतों में गिरने लगी है। इसके कारण किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। सीहोर जिले में पूसा बासमती, 10-10, क्रांति सहित अन्य वैरायटी की धान की बुबाई की गई है। पूसा बासमती जरूर थोड़ी देरी से कटेगी, लेकिन 10-10, क्रांति सहित अन्य धान की फसलें पक चुकी है और जल्द ही इनकी कटाई शुरू होगी।
इतना है सीहोर जिले में फसलों का रकबा-
– सोयाबीन : 2 लाख 83 हजार हेक्टेयर
– धान : 45 हजार हेक्टेयर
– मक्का : 10-12 हजार हेक्टेयर
– मूंग : 4 हजार हेक्टेयर के करीब
– उड़द : 18-20 हजार हेक्टेयर के करीब
– अन्य फसलें-सब्जी : 40 हजार हेक्टेयर
इनका कहना है-
पिछले दो दिनों से सीहोर जिले में बारिश का दौर जारी है। इसके कारण फसलों को तो ज्यादा नुकसान नहीं है, लेकिन सोयाबीन, उड़द, मूंग, मक्का की फसलों की लेट कटिंग होगी। जिन किसानों ने सोयाबीन, मूंग, उड़द की कटवाई करवा ली है उनको जरूर नुकसान होगा। धान को बारिश से लाभ ही मिलेगा। हमारी किसानों को सलाह है कि वे अभी सोयाबीन की फसल को कटवाएं नहीं। मौसम देखकर ही वे अपने खेतों में फसलों को कटवाएं, ताकि फसलें बारिश एवं नमी से खराब न हों।
– केके पांडे, कृषि उप संचालक, जिला सीहोर
बारिश के कारण किसानों की कटी हुई फसलें 50 प्रतिशत तक खराब हो जाएगी। सोयाबीन की फसलें किसानों ने काट ली है और बारिश के कारण वे खराब होगी। हालांकि बारिश से कई किसानों को लाभ होगा।
– एमएस मेवाड़ा, किसान, समाजसेवी, चंदेरी (सीहोर)

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