
सीहोर। जिले में रविवार को स्थानीय समस्याओं को दरकिनार कर राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति चरम पर रही। एक तरफ जहां कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान को लेकर पैदल मार्च निकाला, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए शाम को कैंडल मार्च निकालकर कांग्रेस पर हमला बोला।
बता दें उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोकर कथित शुद्धिकरण किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती और विधानसभा प्रभारी दिनेश मेघानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से मुख्य मार्गों से होते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला। राजीव गुजराती ने इसे संविधान और सामाजिक समानता पर हमला बताते हुए भाजपा व आरएसएस से माफी की मांग की।
भाजपा का कैंडल मार्च, कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी
दूसरी तरफ राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शाम 6.30 बजे शहर के प्रमुख बाजारों में विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। शहर के मुख्य मार्गों पर राहुल गांधी-सोनिया गांधी मुर्दाबाद और कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद के नारों से माहौल गरमा गया।
स्थानीय समस्याओं को भूल गए राजनीतिक दल
दोनों प्रमुख दलों की इस राष्ट्रीय बयानबाजी और शक्ति प्रदर्शन पर आम नागरिकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शहरवासियों का कहना है कि जिले में स्थानीय समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन जनप्रतिनिधि और दल उन पर मौन हैं। 15 अगस्त के दिन जिले के कई गांव जैसे इछावर का ग्राम अरोलिया के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जहां पक्की सडक़ न होने के कारण मासूम बच्चे घुटनों तक भरे कीचड़ में फिसलते हुए तिरंगा यात्रा निकालने को मजबूर थे। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव जैसे कई गंभीर स्थानीय मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक दल राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी रोटियां सेक रहे हैं।