दिल्ली हाट में बिखरी सीहोर के लकड़ी के खिलौनों की चमक, शिल्पकार शर्मा दंपत्ति का जलवा

सीहोर। सीहोर की विश्वप्रसिद्ध पहचान लकड़ी के खिलौने अब देश की राजधानी दिल्ली की शोभा बढ़ा रहे हैं। नई दिल्ली के प्रसिद्ध दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प एवं हस्तकला प्रदर्शनी में सीहोर के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आयोजित इस गरिमामय प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के चयनित पांच कारीगरों में सीहोर के शिल्पकारों को विशेष स्थान मिला है।
ओडीओपी के तहत सीहोर का मान बड़ा रहे विनोद शर्मा सीहोर जिले के एक जिला-एक उत्पाद के रूप में पहचान बना चुके लकड़ी के खिलौनों का प्रतिनिधित्व विनोद कुमार शर्मा और सविता शर्मा कर रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए सरल आकृतियों और चमकीले रंगों वाले पारंपरिक खिलौने दिल्ली में बच्चों और वयस्कों दोनों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से इन शिल्पकारों को एक बड़ा राष्ट्रीय विपणन मंच प्राप्त हुआ है।
प्रदेश के पांच शिल्पकारों में सीहोर का नाम
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस प्रदर्शनी में प्रदेश के चुनिंदा शिल्पकारों को शामिल किया गया है। इनमें सीहोर के लकड़ी के खिलौनों के साथ-साथ इंदौर के चमड़े के खिलौने, बैतूल की डोकरा आर्ट और शहडोल का लकड़ी शिल्प भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय बाजार से जुड़ रहे स्थानीय हाथ
हस्तशिल्प संचालनालय भोपाल द्वारा समन्वित इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को सीधे बड़े बाजारों से जोडऩा है। 31 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के माध्यम से सीहोर की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक दक्षता को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्राहकों तक पहुँचने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना न केवल इन कारीगरों को पहचान दिला रही है, बल्कि ऋण और विपणन सहायता के जरिए उनकी आजीविका को भी सुदृढ़ कर रही है।



