गौमाता की सेवा ही प्रभु की सच्ची आराधना है: पं. नरेश तिवारी

सीहोर। भारतीय संस्कृति में सेवा को साधना और करुणा को सबसे बड़ा संस्कार माना गया है। इसी आस्था और सेवा भाव के साथ सर्व पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर अग्रसोच सोशल फाउंडेशन के सदस्यों ने सीहोर-श्यामपुर रोड स्थित सीताराम आश्रम गौतीर्थ गौशाला पहुंचकर गौमाता की अनूठी सेवा की। इस दौरान गोवंश को फल फ्रूट, चारा, गुड़ एवं खली का भोग अर्पित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला संचालक पं. नरेश तिवारी का पुष्पमाला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में पं. नरेश तिवारी ने कहा कि गौमाता की सेवा ही प्रभु की सच्ची आराधना है। गौसेवा हमारी सनातन संस्कृति, श्रद्धा और संस्कारों का अभिन्न अंग है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामथ्र्य के अनुसार गौमाता की सेवा और संरक्षण के लिए हमेशा आगे आना चाहिए।
सेवा और समर्पण से ही बनती है समाज की वास्तविक शक्ति
समाजसेवी एवं नगर सेठ विवेक रूठिया ने इस मौके पर कहा कि सेवा, सहयोग और समर्पण समाज की वास्तविक शक्ति हैं। गौसेवा जैसे पुनीत कार्य नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ते हैं, साथ ही जीवों के प्रति दया एवं संवेदना का भाव जागृत करते हैं। वहीं, समाजसेवी नरेंद्र गोस्वामी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जीवों के प्रति करुणा और सेवा का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है। प्रत्येक नागरिक को ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढक़र अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
अग्रसोच सोशल फाउंडेशन का अनूठा प्रयास
कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के संस्थापक आशीष गुप्ता अग्रवाल ने सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अग्रसोच सोशल फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य सेवा को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर उसे अपने व्यवहार और जीवन में उतारना है। संस्था इसी तरह गौसेवा, जनसेवा और सामाजिक.सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सेवा एवं संस्कारों की भावना को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार आरएन शेख मुंशी, समाजसेवी विवेक रूठिया, नरेंद्र गोस्वामी तथा पुाउंडेशन के संस्थापक आशीष गुप्ता अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।



