
सीहोर। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शाहगंज ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया संदीपनी विद्यालय शाहगंज आज ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सबसे बड़ा और प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभरा है। इस विद्यालय ने साबित कर दिया है कि यदि सही नीतियां और आधुनिक संसाधन मिलें तो सरकारी स्कूल भी कॉन्वेंट स्कूलों को पीछे छोड़ सकते हैं। यहां आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में मजबूत जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कारों का अद्भुत समावेश देखने को मिल रहा है।
विद्यालय की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतरीन पढ़ाई का सबसे बड़ा प्रमाण यहां लगातार बढ़ रहा बच्चों का नामांकन है। निजी स्कूलों की महंगी फीस से परेशान और बेहतर शिक्षा की तलाश कर रहे अभिभावकों का भरोसा अब इस सरकारी व्यवस्था पर तेजी से बढ़ा है।
साल दर साल बढ़ रही संख्या
विद्यालय की बढ़ती लोकप्रियता और गुणवत्ता का प्रमाण यहां लगातार बढ़ती छात्र संख्या है। वर्ष 2022-23 में जहां विद्यालय में 646 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, वहीं वर्ष 2023-24 में यह संख्या बढक़र 875 हो गई। वर्ष 2024-25 में 1375 तथा वर्ष 2025-26 में 1460 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया। यह निरंतर बढ़ता विश्वास दर्शाता है कि अभिभावक अब सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को स्वीकार कर रहे हैं और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संदीपनी विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
परिणाम में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन
शैक्षणिक उपलब्धियों की दृष्टि से भी संदीपनी विद्यालय शाहगंज ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम निरंतर बेहतर होता गया है। वर्ष 2022-23 में कक्षा 10वीं का परिणाम 90 प्रतिशत और 12वीं का परिणाम 92 प्रतिशत रहा। इसके बाद वर्ष 2023-24 में 10वीं का परिणाम 92 प्रतिशत तथा 12वीं का 94 प्रतिशत रहा। वर्ष 2024-25 में 10वीं का परिणाम 96 प्रतिशत और 12वीं का 95 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में विद्यालय ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए कक्षा 10वीं में 97 प्रतिशत और कक्षा 12वीं में 98 प्रतिशत परिणाम हासिल किया।
प्राइवेट स्कूलों को मात दे रही हैं यहां की अत्याधुनिक सुविधाएं
संदीपनी विद्यालय शाहगंज में बच्चों को वे तमाम सुविधाएं मिल रही हैं, जो बड़े शहरों के नामचीन प्राइवेट स्कूलों में होती हैं। यहाँ डिजिटल व स्मार्ट कक्षाएं, आरामदायक फर्नीचर, जूनियर साइंस लैब, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, वोकेशनल लैब बनाई गई हैं। इसके अलावा संगीत कक्ष, कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय, गणित प्रयोगशाला, कला कक्ष और खेल कक्ष जैसी हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल और तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर शाहगंज के नौनिहालों का डंका
विद्यालय के विद्यार्थियों ने खेल, संस्कृति और पढ़ाई में राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में स्कूल के एक छात्र ने राष्ट्रीय ओलंपियाड में गणित विषय में देश भर में विजय प्राप्त की है। वहीं एक अन्य छात्र का विज्ञान मॉडल राज्यस्तरीय इंस्पायर अवॉर्ड मानक के लिए चुना गया है। इसके अलावा दो विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियां भी हासिल की हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस सत्र में स्कूल को 24 नए लैपटॉप भी प्राप्त हुए हैं। किताबों के अलावा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यहां खेलकूद, शैक्षणिक भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्काउट-गाइड, इको क्लब, एनसीसी और एनएसएस जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।