
सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के दौरे पर रहे। इस दौरान ग्राम पिपलानी में आयोजित आदर्श गोंड समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक बार फिर उनका मामा वाला रूप चर्चा का विषय बना रहा। नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए शिवराज सिंह चौहान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने न केवल बेटियों को अपना स्नेह दिया, बल्कि एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि मामा के रहते हुए बेटियों की शादी शुल्क लेकर नहीं होगी।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में भावुक होते हुए बेटियों से कहा किए मैं यहाँ कोई मंत्री या नेता बनकर नहीं आया हूं, बल्कि अपनी बेटियों के मामा के रूप में आया हूं, इन्हें आशीर्वाद देने आया हूं। भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ये हमेशा सुखी रहें, वर-वधु दोनों निरोग रहें, इनका मंगल हो, इनका कल्याण हो। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा किए भगवान ऐसी कृपा करना कि मेरी बेटियों के पांव में कांटा भी न गड़े और इन्हें जीवन की हर खुशी मिले। नवदंपतियों को जीवन के मूल्यों का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, आपस में मिल-जुलकर प्रेम से रहना, क्योंकि यह जीवनभर का साथ है। दोनों परिवारों का मान-सम्मान बढ़ाना और जितना संभव हो, दूसरों की सेवा करना। समाज की सेवा को सर्वोच्च बताते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा किए सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। मैं दिल से मानता हूं कि जनता की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है, इससे बड़ी कोई पूजा नहीं।
मामा के होते हुए बेटियों का विवाह, शुल्क लेकर क्यों हो?
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं अपनी बेटियों के लिए सिलाई मशीन भी लेकर आया हूं, ताकि हर एक के पास रोजगार का एक साधन हो। वो घर से ही सिलाई का काम कर सकें और जरूरत पड़े तो इसे सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में भी आयोजकों ने शानदार व्यवस्था की है। इसी दौरान उन्होंने बड़ा निर्णय लेते हुए कहा मामा का दिल कह रहा है किए जब मैं हूं तो बेटियों पर कोई बोझ क्यों पड़े। इसलिए जो ग्यारह-ग्यारह हजार रुपये शुल्क के रूप में लिए गए हैं, वह राशि मैं सप्रेम भेंट के रूप में बेटियों को वापस करूंगा। उनके घर तक यह राशि पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जब मामा जिंदा है तो बेटियों का विवाह, शुल्क लेकर क्यों हो?
शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के आयोजकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि परंपरा को बनाए रखते हुए इतने बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करना सराहनीय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले वर्ष भी यह आयोजन और भव्य रूप से किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मामा हमेशा अपनी बेटियों के साथ खड़ा है। जब भी जरूरत पड़ेगी, मैं सेवा के लिए हाजिर रहूंगा। मेरी दुआ है कि मेरी सभी बेटियां हमेशा खुश रहें और उनका जीवन सुख-समृद्धि से भरा रहे।
विकास की सौगात, कई गांवों को सीधा लाभ
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में अलग-अलग विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कार्यों का शुभारंभ किया, जिससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने हनुमान कुटी वासुदेव में 4500 वर्गफीट क्षेत्र में निर्मित दो मंजिला दिवस बसेरा और बाउंड्री वॉल का लोकार्पण किया। जिसकी लागत करीब 154.61 लाख रुपये है।
वहीं सातदेव स्थित पतालेश्वर मंदिर परिसर में गेट, सत्संग भवन, पुजारी निवास, यज्ञशाला, ध्यान कुटी, व्यू प्वाइंट, पानी की टंकी, गौशाला सहित व्यापक विकास कार्य भी जनता को समर्पित किए। जिसकी लागत लगभग 875 लाख रुपये है। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभिन्न शासकीय विद्यालयों, लाडक़ुई, गोपालपुर, छिदगांवकच्छी, बोरखेड़ा कला, कुमानतल, निमोटा, बसंतपुर, खजूरीवन और बोरखेड़ी में कक्ष निर्माण और अन्य सुविधाओं के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। जिसकी लागत करीब 747 लाख रुपये है।
इसके अलावा सीहोर जिले के जामुनिया कलां से बालागांव मार्ग पर सीप नदी पर निर्मित जलमग्नीय पुल भी जनता को समर्पित किया। जिसकी लागत लगभग 1008.88 लाख रुपये है। इस पुल के निर्माण से नसरुल्लागंज, छीपानेर और हरदा मार्ग का सीधा संपर्क स्थापित हुआ है, जिससे करीब 15 गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही छात्रों और किसानों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा। इन कार्यों से क्षेत्र में धर्म, शिक्षा और यातायात को मजबूती मिलेगी। इस अवसर बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, रवि मालवीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।