
सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में किए जा रहे अचानक दौरों और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को मौके पर ही सस्पेंड करने के सख्त रुख ने सीहोर प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सीएम की सरप्राइज विजिट के डर और मौसम विभाग द्वारा बारिश की चेतावनी के बीच कलेक्टर बालागुरु के. पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने जिले के सभी उपार्जन केंद्रों के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उपार्जित गेहूं की सुरक्षा में रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल मुख्यमंत्री इन दिनों बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे गेहूं खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। शाजापुर और खरगोन जैसे जिलों में सीएम के सख्त तेवरों को देखते हुए सीहोर कलेक्टर ने खरीदी प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कहीं भी अव्यवस्था मिली या गेहूं बारिश में भीगता पाया गया तो संबंधित अधिकारी पर तत्काल गाज गिरेगी।
कलेक्टर के सख्त निर्देश, वार फुटिंग पर काम
कलेक्टर ने जिले के सभी केंद्रों को निर्देशित किया है कि उपार्जित गेहूं का परिवहन तुरंत कर उसे सुरक्षित गोदामों में पहुंचाया जाए। परिवहन की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ट्रकों की व्यवस्था करने को कहा गया है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि तौल के बाद बोरियों की सिलाई कर उन्हें ऊंचे स्थान पर स्टैकिंग लगाकर रखा जाए और तिरपाल से ढंकने की पुख्ता व्यवस्था हो। किसानों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अतिरिक्त कांटे और श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए। जहां जलभराव की स्थिति बन सकती है, उन केंद्रों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी रखें।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
कलेक्टर ने साफ किया कि गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी स्थिति में अनाज को खुले में नहीं रखा जाएगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी उपज को मंडी लाते समय तिरपाल से ढंककर लाएं।