
सीहोर। मामा के नाम से मशहूर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में वे जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हैं। सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी पर शिवराज सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की गाज गिरा दी है।
बता दें यह पूरा मामला सीहोर जिले के वेयरहाउसों के निरीक्षण से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग सीहोर में वेयरहाउसों की जांच करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी सब्सिडी की राशि जारी कराने के बदले वेयरहाउस संचालकों से अवैध वसूली का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसारए अधिकारी अनुराग ने शिवाय वेयरहाउस से सब्सिडी जारी करने के नाम पर 1 लाख रुपये की मांग की थी और श्रीकृष्णा वेयरहाउस के संचालक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत मिलते ही ऐक्शन में आए शिवराज
पीडि़त वेयरहाउस संचालकों ने इस रिश्वतखोरी की सीधी शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाई। अपने गृह क्षेत्र और मंत्रालय में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलते ही शिवराज सिंह चौहान बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत विभागीय अधिकारियों को आरोपी अधिकारी अनुराग को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। मंत्री के कड़े निर्देश के बाद मंत्रालय ने अधिकारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
विभागीय जांच भी होगी शुरू
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस त्वरित और सख्त फैसले से प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया है। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही अब संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच भी शुरू की जा रही है, ताकि इस पूरे मामले में सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकें।