शिवराज की दो टूक, बुधनी-इछावर के किसानों को न हो परेशानी…

सीहोर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को विदिशा संसदीय क्षेत्र में गेहूं उपार्जन की स्थिति को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि विशेषकर बुधनी और इछावर सहित क्षेत्र के किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौहान ने बुधनी और इछावर के विधायकों व कलेक्टरों से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि स्लॉट बुकिंग और पंजीयन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का स्लॉट सर्वर या अन्य तकनीकी कारणों से नहीं बन पाया है, उन्हें दोबारा मौका देकर उनकी गेहूं खरीदी सुनिश्चित की जाए। उपार्जन केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें न लगें, इसके लिए सर्वर की गति बढ़ाने और तौल कांटे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर सुलझाएं समस्याएं
केंद्रीय मंत्री ने बुधनी और इछावर के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी, केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था और किसानों के बैठने के लिए छाया का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा किसानों के मन में यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी मेहनत का एक-एक दाना सरकार खरीदेगी।
छुट्टी के दिन भी हो सकेगी खरीदी
किसानों के हित में बड़ा आश्वासन देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने और खरीदी की मात्रा की सीमा पर पुनर्विचार करने के लिए राज्य सरकार व मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। यदि आवक बढ़ती है तो अवकाश के दिनों में भी खरीदी जारी रखने और अतिरिक्त तौल कांटे लगाने पर तुरंत निर्णय लिया जाएगा।
खुद करेंगे जमीनी हकीकत की जांच
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे स्वयं बुधनी, इछावर और विदिशा संसदीय क्षेत्र के अन्य जिलों का भौतिक दौरा करेंगे। वे खुद केंद्रों पर जाकर किसानों से बात करेंगे और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्थानीय विधायकों से अपील की कि वे लगातार अपने क्षेत्रों के केंद्रों का दौरा करें और किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करवाएं।



