
रेहटी। तहसील के रमगढ़ा स्थित रूद्रधाम आश्रम के बड़े गुरूजी श्रीश्री1008 श्री परमानंद परमहंस जी महाराज ने अपनी देह त्याग दी और ब्रह्मलीन हो गए। उनके इस समाचार से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अब उनकी पार्थिव देह सोमवार को रमगढ़ा स्थित रूद्रधाम आश्रम में लाई जाएगी। यहां पर उनके शिष्य एवं आसपास के क्षेत्र के लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद उनकी पार्थिव देह मरदानपुर स्थित आश्रम ले जाई जाएगी, जहां पर उनको समाधि दी जाएगी। श्री परमानंद परमहंस जी महाराज ने रूद्रधाम आश्रम की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उनकी उपस्थिति हमेशा से क्षेत्र के लिए सुखदायक एवं लाभदायक रही।
महान संत एवं आध्यात्मिक गुरू थे-
1008श्रीश्री परमहंस परमानंद जी महाराज एक महान संत और आध्यात्मिक गुरु थे। वे ज्यादातर समय अपनी साधना में लीन रहते थे। बताया जाता है कि उनका जन्म उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले के रामकोला गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन से ही अध्यात्मक की ओर झुकाव था, इसलिए उनको बेहद कम उम्र में ही घर-परिवार छोड़कर सन्यास धारण कर लिया था। बताया जाता है कि उन्होंने उत्तराखंड, चित्रकूट सहित कई घने जंगलों में बैठकर साधना एवं तप किया। वे रूदधाम आश्रम में भी ज्यादातर समय अपनी तपस्या में लीन रहते थे। उनके शरीर त्यागने से क्षेत्र में शोक की लहर फैली हुई है।
-
ब्रिटिश सरकार का आया जवाब, हमारे रिकॉर्ड में ऐसा कोई हिसाब नहीं -
नवरात्रि में एसपी का रौद्र रूप, सतर्क नहीं मिला अमला, मांगा स्पष्टीकरण -
मां रेवा गरबा महोत्सव में झूमा पूरा नगर, डांडिया की थाप पर थिरके कदम -
बुधनी के गौरव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जज संतोष शर्मा का गृह नगर आगमन पर भव्य स्वागत -
खेत से केबल चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 50 हजार की केबल -
नशे में पोती को लेकर फरार हुआ था दादा, पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद