
सीहोर। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल विजयासन माता मंदिर सलकनपुर में दर्शनार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट की घटनाओं और मंदिर समिति के संचालन में लगातार आ रही अनियमितताओं को लेकर आमजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रेहटी-बुधनी द्वारा सोमवार को श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सलकनपुर में विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित कर मंदिर समिति की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर पुनर्गठित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष महेश उपाध्याय पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने पद पर काबिज हैं, जो कि समिति के कार्यकाल व गठन से जुड़े नियमों के विपरीत है। ज्ञापन में मांग की गई है कि समिति के गठन, कार्यकाल और पिछले वर्षों के वित्तीय लेन-देन, आय-व्यय, दान राशि, निर्माण कार्यों व ठेकों का विशेष ऑडिट (जांच) कराया जाए।
दर्शनार्थियों से मारपीट व दुव्र्यवहार का मुद्दा गरमाया
दो दिन पहले बाहर से आए श्रद्धालुओं के साथ मंदिर कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और पीडि़तों के बयान दर्ज कराने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ दुव्र्यवहार एवं हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे मंदिर की साख और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
ज्ञापन की मुख्य मांगें
धरना प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मंदिर समिति के गठन, कार्यकाल, वित्तीय व्यवस्था और कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मारपीट और दुव्र्यवहार के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। जांच में अनियमितता मिलने पर वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर पारदर्शी नई समिति गठित की जाए। कर्मचारियों के व्यवहार के लिए स्पष्ट आचार संहिता लागू की जाए और श्रद्धालुओं की शिकायतों के लिए पारदर्शी निगरानी तंत्र बने। कमेटी ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का मकसद किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि मंदिर व्यवस्था को श्रद्धालु हितैषी, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कलेक्टर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।



