
सीहोर। जिलेभर में “जल गंगा संवर्धन अभियान” की आड़ में जमकर अवैध मिट्टी का धंधा चल रहा है। तालाबों को खोदकर जमकर मिट्टी निकाली जा रही है। सबसे ज्यादा मिट्टी का ये खेल बुधनी, भैरूंदा और रेहटी तहसील में चल रहा है। हालांकि अब रेहटी तहसील के ग्राम मांजरकुई स्थित तालाब में बिना अनुमति के मिट्टी खोदने पर कार्रवाई भी की गई है। रेहटी तहसील के नायब तहसीलदार द्वारा अवैध तरीके के मिट्टी खोद रही एक जेसीबी मशीन और एक डंपर को जप्त किया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा भी इन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद भी तालाब से जमकर मिट्टी निकाली जा रही थी। जेसीबी और डंपर को जप्त करके रेहटी थाने में खड़ा किया गया है। बताया जा रहा है कि जेसीबी और डंपर मालिक द्वारा ग्राम पंचायत पर अब दबाव बनाकर उनसे अनुमति मांगी जा रही है।
जानकारी के अनुसार इस समय बुधनी से इंदौर नई रेलवे लाइन का काम चल रहा है। इस दौरान रेलवे लाइन के लिए मिट्टी की भी बड़ी मात्रा में खुदाई की जा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान की आड़ में रेहटी एवं बुधनी तहसील के तालाबों की बेरहमी से खुदाई की जा रही है। तय मापदंड और खुदाई की सीमा से ज्यादा यहां पर मिट्टी खोदी जा रही है। हालांकि रेलवे ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायतों से अनुमतियां ली गई हैं, लेकिन रेलवे भी अनुमति से कई गुना ज्यादा मिट्टी खोदकर जहां नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है, वहीं राजस्व का भी जमकर चूना लगाया जा रहा है। हर दिन सैकड़ों डंपर मिट्टी अवैध तरीके से निकाली जा रही है।
बना दिए मौत के तालाब
रेहटी तहसील के तालाबों को इतना ज्यादा गहरा कर दिया गया है कि अब ये तालाब लोगों की मौत का कारण भी बनेंगे।
नहीं ली अनुमति
ग्राम पंचायत मांजरकुई के सरपंच राजेश सोलंकी ने बताया कि रेलवे ने तो अनुमति ली थी, लेकिन जो जेसीबी और डंपर पकड़ाए हैं उन्होंने अनुमति नहीं ली थी। उनसे बार-बार कहा गया कि वे मिट्टी नहीं खोदे, लेकिन उन्होंने अधिकारियों का हवाला देकर मिट्टी खोदने का काम जारी रखा।