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श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने स्पष्टीकरण देकर मान ली अपनी ही गलती

- बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने आईएनसी मान्यता को लेकर किया था हंगामा, अब प्रबंधन नेे भी स्वीकारा नहीं हैै इसकी मान्यता

सीहोेर। श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल सांईसेस सीहोर में अध्ययनरत बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा मान्यता को लेकर हंगामा करनेे केे बाद अब यूनिवर्सिटी के कुलपति ने पत्र लिखकर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय कोे लेकर भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैै, लेकिन उन्होंने अपने पत्र मेें यह भी साफ कर दिया है कि श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल सांईसेस सीहोर को आईएनसी की मान्यता प्राप्त नहीं है। छात्र-छात्राओें ने भी इसी को लेकर हंगामा किया था।
सीहोर की श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल सांईसेस अपनी कार्यप्रणाली को लेकर हमेशा चर्चाओें में रहती है। इस समय भी यूनिवर्सिटी की चर्चा अपने कारनामों कोे लेकर हो रही हैै। दरअसल यूनिवर्सिटी द्वारा बीएससी नर्सिंग में इस वर्ष भी करीब 71 छात्र-छात्राओें कोे गुमराह करके एडमिशन दे दिए गए हैं। इन सभी छात्र-छात्राओें को फर्जी मान्यता का पत्र दिखाकर एडमिशन दे दिया, लेकिन जब छात्र-छात्राओें को यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ये कारगुजारी समझ में आई तोे वे खुलकर विरोेध करने के लिए सामनेे आ गए और पिछले दिनों यूनिवर्सिटी कैंपस में जमकर हंगामा भी किया। इस हंगामेे और घटनाक्रम की शिकायत कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुुर तक भी पहुंची। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन हरकत में आया औैर अपना स्पष्टीकरण दिया हैै, लेकिन यूनिवर्सिटी के कुलपति द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण मेें यह भी साफ हो गया है कि यूनिवर्सिटी के पास आईएनसी की मान्यता नहीं है औैर इसी को लेकर छात्र-छात्राओं की भी मांग थी।
पत्र लिखकर कहा कि फैलाई जा रही हैै भ्रामक जानकारी-
कलेक्टर तक मामले की शिकायत पहुंची तो यूनिवर्सिटी के कुलपति ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए सूचना पत्र जारी किया। इसमें उन्होेंने लिखा कि श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल सांईसेस में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता के संबंध में भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैै, जो कि सत्य नहीं है। पत्र मेें यह भी लिखा कि विश्वविद्यालय के बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिलिंग मध्यप्रदेश शासन से है एवं विश्वविद्यालय इंडियन नर्सिंग काउंसिलिंग की मान्यता प्राप्त करने हेतु प्रयासरत है। पत्र में स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी के पास इंडियन नर्सिंग काउंसिलिंग की मान्यता नहीं है, जबकि छात्र-छात्राओं को इसी आधार पर एडमिशन दिए गए हैैं कि मान्यता है। अब छात्र-छात्राएं इसी का विरोध कर रहे हैैं कि जब इंडियन नर्सिंग काउंसिलिंग की मान्यता नहीं थी तो फिर उन्हें फर्जी मान्यता पत्र दिखाकर एडमिशन क्यों दिए गए हैं। उनके भविष्य के साथ क्यों खिलवाड़ किया गया है।
अस्पताल भी नहीं, इसलिए नहीं ले जातेे वहां-
श्रीसत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल सांईसेस सीहोर के पास खुद का अस्पताल भी नहीं है। यही कारण है कि बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओें कोे अब तक अस्पताल नहीं ले जाया गया है। वे कई बार प्रबंधन से इसकी शिकायत कर चुके हैैं कि उन्हें अस्पताल में क्यों नहीं ले जाया जा रहा है। छात्र-छात्राओें का यह भी आरोप है कि बीएससी नर्सिंग में फैकल्टी भी नहीं है। उन्हें एक कमरेे में बंद कर दिया जाता है औैर हर दिन अलग-अलग स्टॉफ आकर उन्हें पढ़ाता है। तीन-चार घंटे तक एक ही स्टॉफ पढ़ाता रहता है। अब विद्यार्थी मान रहे हैैं कि यूनिवर्सिटी ने उनकेे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।

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