
सीहोर। वन विभाग की मुस्तैदी के दावों के बीच लाडक़ुई क्षेत्र में लकड़ी तस्करों के बुलंद हौसलों की तस्वीर सामने आई है। जंगल में आराम से सागौन के पेड़ों को काटकर सिल्लियां (चरपट) बना रहे वन माफिया को जब वन अमले के आने की भनक लगी तो वे अधिकारियों से भी ज्यादा चुस्त-दुरुस्त निकले। वन टीम के मौके पर पहुंचते ही तस्कर उन्हें चकमा देकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में फरार हो गए। आखिरकार वन अमले को मौके से सिर्फ मोटरसाइकिलों पर बंधी सागौन की सिल्लियों से ही सब्र करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 11.30 बजे सूचना मिली कि सिराड़ी घाट के पास जंगल में तस्कर मोटरसाइकिलों पर सागौन की सिल्लियां बांधकर खड़े हैं। सूचना पर वन अमला टॉर्च लेकर जंगल में सर्चिंग करते हुए मौके पर पहुंचा, लेकिन वन अमले की आहट पाते ही मुस्तैद तस्कर चकमा देकर घने जंगल में गायब हो गए।
50 हजार से अधिक की सामग्री जब्त
मौके से तस्कर तो भाग निकले, लेकिन वे अपनी गाडिय़ां और काटी गई सागौन की लकड़ी छोड़ गए। वन विभाग ने जब्त माल को शासकीय पिकअप वाहन से घुटवानी नाके पहुंचाया, जहां नाप-जोल करने पर सात नग सल्लियां, 0.182 घन मीटर, जिसकी अनुमानित कीमत 16 हजार 380 रुपए आकी गई है। जबकि दो मोबाईल साइकिल कीमत 34 हजार रुपए कुल जब्ती माल 50 हजार 380 रुपए आंका गया है।
आरोपियों की पहचान का दावा
भले ही तस्कर मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन वन विभाग का दावा है कि फरार आरोपी आसपास के ही स्थानीय गांवों के रहने वाले हैं और स्टाफ ने उनकी पहचान कर ली है। वन विभाग ने वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।