जिले के 4.39 लाख मकानों की गणना का पहला चरण पूरा

सीहोर। जिले में आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इसके तहत जिले में मकानों की सूची बनाने और उनकी गणना (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) का कार्य 30 मई को संपन्न हो गया। 1 मई से शुरू हुए इस महाअभियान के दौरान प्रगणकों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां जुटाईं।
इस बार देश की जनगणना को पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल बनाया गया है। कर्मचारियों ने कागजों के बजाय मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा ऑनलाइन दर्ज किया, जिससे काम में तेजी, शुद्धता और पारदर्शिता आई है। प्रशासन ने साफ किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और नियमावली 1990 के तहत पूरी तरह गुप्त रखी जाएंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां और योजनाएं बनाने में होगा।
3115 परिवारों ने खुद ऑनलाइन दर्ज की जानकारी
मकानों की इस भौतिक गणना से पहले, सरकार ने आम जनता को खुद की जानकारी दर्ज करने का मौका भी दिया था। जिले में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व गणना की प्रक्रिया चलाई गई थी। इसमें जिले के सजग 3115 परिवारों ने बिना किसी सरकारी कर्मचारी की मदद के, खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कराई थी।
अब फरवरी में होगी सिरों की गिनती
पहले चरण में मकानों और परिवारों की संख्या का ढांचा तैयार होने के बाद अब इसका असली और दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। इस द्वितीय चरण को जनसंख्या गणना कहा जाता है, जिसमें जिले के प्रत्येक नागरिक की वास्तविक गिनती की जाएगी।
प्रशासन ने जताया आभार
इस राष्ट्रीय महत्व के बड़े कार्य को समय पर और कुशलता से पूरा करने पर जिला जनगणना कार्यालय सीहोर ने जिले के सभी नागरिकों, प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उम्मीद जताई है कि अगले साल होने वाले दूसरे चरण में भी जनता का ऐसा ही सहयोग मिलता रहेगा।
आंकड़ों में समझिए गणना का गणित
जिला जनगणना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस महाअभियान को बेहद सुनियोजित तरीके से पूरा किया गया। जिसमेंप्रभार क्षेत्र 10 तहसीलें और 9 नगरीय निकाय कुल 19 प्रभार क्षेत्र, कुल मकान जिनकी गणना हुई उसमें 4 लाख 39 हजार 610 मकान शामिल हैं। 2405 ब्लॉक बनाए गए थे, इस कर्य में तैनात स्टाफ लगभग 2501 प्रगणक और पर्यवेक्षक रिजर्व स्टाफ 307 प्रगणक और पर्यवेक्षक बैकअप में रहे।

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