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नगरपालिका का खजाना खाली, रिटार्यटमेंट पर खाली हाथ विदाई

सीहोर। नगरपालिका सीहोर में कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की जमकर अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों को नौकरी पूर्ण होने पर रिटार्यटमेंट के समय मिलने वाली राशि नहीं दी जा रही है। और उन्हें यहा से खाली हाथ ही विदाई मिलने से वह निराश हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारी कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।
नगरपालिका सीहोर का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। रिटार्यटमेंंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटीए समयमान वेतनमान राशि, अवकाश नगदीकरण, बीमा, जीपीएफ राशि का पूरा हिसाब नहीं किया जा रहा है। लम्बे समय तक चक्कर कटवाने के बाद किश्तों में उन्हें यह राशि मिल पा रही है।
एक शासकीय कर्मचारी के लिए यह राशि रिटायरमेंट के बाद बडा सहारा होती है। लेकिन नगरपालिका सीहोर में कर्मचारियों को एक मुश्त राशि नहीं मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। ओर उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहा पर अफसर से लेकर बाबूओं की मनमानी से सेवानिवृत्त कर्मचारी परेशान हैं।
पेंशन नहीं कैसे होगा गुजारा
बीते अप्रैल माह में नगरपालिका परिषद सीहोर में दो कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए। कमल परिहार स्थाई कर्मचारी और नंदकिशोर महेश्वरी विनियमित कर्मचारी इन दौंनो ही कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय नगरपालिका द्वारा राशि नहीं दी गई। कमल परिहार ने बताया कि अपने जीवन के इतने महत्वपूर्ण साल नौकरी में देने के बाद भी कुछ नहीं मिला। पेंशन के भी पात्र नहीं हैं। राशि मिल जाती तो कोई धंधा पानी शुरु करते। इस मंहगाई के दौर में घर चलाना भी मुश्किल है।
जनसुनवाई में लगाई गुहार
राशि का समय पर भुगतान न होने से परेशान रिटायर्ड कर्मचारी राजेश सूर्यवंशी ने कलेक्टर जनसुनवाई मेंं गुहाई लगाई। बताया कि अवकाश नगदीकरण राशि, बीमा कटौती राशि, शासन द्वारा देय चुतर्थ समयमान वेतनमान के एरियर राशि का भुगतान नहीं किया गया है। बार बार नगरपालिका के चक्कर काटने को मजबूर हैं कोई सुनता ही नहीं।
किश्तों में दी जाती है राशि
यह स्वायतशासी संस्था है। कर्मचारियों का वेतन भी टैक्स पर निर्भर करता है। जनता समय पर टैक्स नहीं भरती। खजाना खाली है, हम कुछ नहीं कर सकते। पैसा आता है तो कर्मचारियों को राशि देते जाते हैं। किश्तों में भुगतान करते हैं।
सुधीर सिंह, सीएमओ नगरपालिका सीहोर

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