
सीहोर। जिले के अन्नदाताओं के लिए आने वाले चार दिन अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाले हैं। एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने पसीने छुड़ा दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने जिले में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 96 घंटे किसानों के लिए बेहद भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर मंडी और उपार्जन केन्द्रों पर रखी फसल पर पड़ सकता है।
बता दें जिले में गर्मी का सितम जारी है, जहां तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को छू रहा है। भीषण दोपहर में लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल है, लेकिन असली चिंता शाम के मौसम को लेकर है। मौसम विभाग के अनुसार सीहोर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पडऩे और धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है।
उपार्जन केंद्रों पर किसानों की बढ़ी धडक़नें
वर्तमान में जिले भर की कृषि उपज मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की आवक चरम पर है। बड़ी संख्या में किसान अपनी साल भर की मेहनत लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। चिंता की बात यह है कि पर्याप्त भंडारण और शेड की कमी के कारण भारी मात्रा में अनाज खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। अगर अचानक तेज बारिश होती है तो किसानों की उपज भीगने और खराब होने का बड़ा डर बना हुआ है।
60 किमी की रफ्तार से चल सकती है आंधी
मौसम विभाग के मुताबिक जिले के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। यह रफ्तार न केवल खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि कच्चे मकानों और पेड़ों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
तिरपाल साथ रखें किसान
मौसम के मिजााज को देखते हुए प्रशासन और मंडी प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल और अन्य इंतजाम साथ रखें। उपार्जन केंद्रों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश की स्थिति में गेहूं की बोरियों को भीगने से बचाया जा सके।