भैरूंदा सब जेल पहुंचे प्रधान जिला न्यायाधीश, बंदियों को दी विधिक अधिकारों की जानकारी, नशामुक्ति के लिए दिलाया संकल्प

सीहोर। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को भैरूंदा सब जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल परिसर में बंदियों के लिए विधिक साक्षरता एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों को अपराध मुक्त और नशामुक्त जीवन जीने की सीख दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल ने बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न सिर्फ इंसान के स्वास्थ्य को खराब करती है, बल्कि पूरा जीवन और परिवार बर्बाद कर देती है। समाज में होने वाले कई गंभीर अपराधों की जड़ में नशा ही होता है। उन्होंने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे जेल से बाहर निकलकर एक अच्छा जीवन जीना चाहते हैंए तो उन्हें आज ही पूरे मन से नशा छोडऩे का संकल्प लेना होगा।
निशुल्क नशा मुक्ति केंद्र से मिलेगी मदद
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने बंदियों को कानून और सुधार योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो भी बंदी नशा छोडऩा चाहते हैं, उनकी मदद के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमेशा तत्पर है। प्राधिकरण के माध्यम से ऐसे बंदियों की लत छुड़वाने के लिए निशुल्क नशा मुक्ति केंद्र की मदद दिलाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बंदियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही नालसा डॉन स्कीम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
बंदियों की समस्याएं सुनीं, बैरकों और व्यवस्थाओं को देखा
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों की टीम ने पूरी जेल की व्यवस्थाओं को देखा। शिविर में बंदियों को उनके कानूनी और विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश ने स्वयं बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना और जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और जेल प्रशासन को उनके यथोचित व त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस निरीक्षण और जागरूकता शिविर के अवसर पर जिला न्यायाधीश उषा तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान सहित जेल का स्टाफ और बंदीगण उपस्थित रहे।



