Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशराजनीतिकरेहटीसीहोर

तहसीलदार ने पं. पाठक के दावे का किया खंडन…

सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित शुगर फैक्टरी की जमीन पर स्थित श्रीराम गोशाला गोतीर्थ श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम के पक्के निर्माण को लेकर प्रशासन और कथावाचक पंडित मोहितराम पाठक के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही हिंदूवादी संगठनों की मध्यस्थता से सुलह के बाद संत समाज का गुरुवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन माफी मांगने की बात पर अब तहसीलदार और कथावाचक आमने-सामने आ गए हैं।
सुलह के बाद सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कथावाचक पंडित मोहितराम पाठक ने दावा किया कि तहसीलदार ने आश्रम में हुई घटना पर खेद व्यक्त किया है और गोसेवा में सहयोग का आश्वासन दिया है। हालांकि तहसीलदार अमित सिंह ने कथावाचक के इस दावे का तुरंत खंडन कर दिया है।
तहसीलदार अमित सिंह ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट कहा मैं पंडित मोहितराम पाठक की बात का पूरी तरह खंडन करता हूं। प्रशासन न तो किसी से डरा है और न ही पीछे हटा है। पंडित पाठक ने चर्चा के दौरान आश्वासन दिया है कि वे आगे कोई भी निर्माण विधिसम्मत तरीके से ही करेंगे और जो भी अवैध संरचनाएं बनाई गई हैं, उन्हें हटा लिया जाएगा। प्रशासन की नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
क्या था पूरा मामला
बता दें शुगर फैक्टरी की करीब 4365 एकड़ सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे का मामला चल रहा है, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसी जमीन पर स्थित आश्रम में पक्के निर्माण को लेकर तहसीलदार ने पंडित पाठक को नोटिस जारी कर करीब 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य न रुकने पर 2 सितंबर को राजस्व अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। इस दौरान आश्रम के दो कर्मचारी हादसे का शिकार हो गए थे, जिनमें से एक को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराना पड़ा था।
हिंदूवादी संगठनों की मध्यस्थता से टला प्रदर्शन
प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में संत समाज और गोसेवकों ने 10 सितंबर को कलेक्टर बालागुरु के. को ज्ञापन सौंपने और बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। पंडित पाठक ने भी वीडियो जारी कर तहसीलदार से गोमाताओं से माफी मांगने की मांग की थी। स्थिति को बिगड़ता देख बजरंग दल के विवेक राठौर, विहिप नेता सुनील शर्मा, पंडित नरेश तिवारी और हिंदी उत्सव समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राठौर सक्रिय हुए। उन्होंने 9 सितंबर की रात विश्राम गृह में तहसीलदार अमित सिंह से मुलाकात कराई, जिसके बाद दोनों पक्षों में बातचीत हुई और संत समाज ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन स्थगित कर दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button