परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं, रक्तदान ही असली महादान है: उपाध्याय

सीहोर। विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड सेंटर द्वारा सम्मान कार्यक्रम और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जहां एक ओर युवाओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढक़र रक्तदान किया, वहीं दूसरी ओर डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने वाले एक दर्जन से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों और नियमित डोनर्स को सम्मानित किया गया।
शिविर की शुरुआत ब्लड सेंटर प्रभारी व पैथोलॉजिस्ट डॉ. यश सक्सेना द्वारा उपस्थित सभी जनों को नियमित रक्तदान करने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाकर की गई। शिविर में कुल 50 रक्तदाताओं ने अत्यंत उत्साह के साथ मानव सेवा के लिए रक्तदान किया।
रक्तदान सीधे किसी की धडक़नों को चलाए रखता है
कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जिले में संचार माध्यमों के जरिए रक्तदान की अलख जगाने वाले वरिष्ठ पत्रकार योगेश उपाध्याय ने कहा किए हमारे शास्त्रों में परोपकार को सबसे बड़ा धर्म बताया गया है। दुनिया में अन्नदान, वस्त्रदान और विद्यादान जैसे कई दान हैं, लेकिन रक्तदान ऐसा अनूठा दान है जो सीधे किसी की धडक़नों को चलाए रखता है।
उन्होंने कहा कि जब किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या प्रसव के समय अत्यधिक रक्त बह जाता है, तब उस पीडि़त को किसी धनवान व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक निस्वार्थ रक्तदाता की आवश्यकता होती है। उस नाजुक वक्त में रक्त की एक-एक बूंद किसी के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन जाती है। इसलिए रक्तदान केवल खून देना नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन उपहार में देना है।
नियमित रक्तदाताओं और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान देने के लिए ब्लड सेंटर द्वारा नियमित डोनर्स को मोमेंटो और सम्मान सर्टिफफकेट देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ पत्रकार योगेश उपाध्याय, नवीन सोनी, आकाश राठौर, गोविन्द चोपड़ा, संतोष शाक्य, रवि ठकराल, शुभम ठकराल, महक ठकराल, सक्षम ठकराल, हिमांशी अस्नानी, नितिन सोनी, प्रियांशी सोनी, श्लोक शिवहरे, सचिन सूर्यवंशी, साहिल मंसूरी, सतनाम सिंह दुआ और मुफद्दल पुकरी शामिल रहे।
विश्व रक्तदाता दिवस के इस पूरे गरिमामयी और सफल आयोजन में ब्लड सेंटर की टीम से डॉ. यश सक्सेना, निर्मल कचनेरिया, अम्बर मालवीय, मनोज दीक्षित, जीतेन्द्र डाबरिया, दानिश मन्सूरी, अंशू आर्य और राज ठाकुर का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा।

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