
सीहोर। किसानों की मेहनत और फसल की उम्मीदों पर पानी फेरने वाले बीज विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। भैरुंदा सहित जिले के विभिन्न इलाकों में अमानक घटिया बीज बेचकर किसानों से छल करने वाले 9 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही घटिया मक्का बीज की सप्लाई करने वाली तेलंगाना और महाराष्ट्र की 9 नामी बीज उत्पादक कंपनियों के उत्पादों को भी सीहोर जिले में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कृषि विभाग के उप संचालक एवं पदेन अनुज्ञापन प्राधिकारी अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि विभाग की टीम ने विभिन्न कृषि दुकानों का औचक निरीक्षण कर मक्का बीज के सैंपल एकत्र किए थे। इन सैंपलों को जब जांच के लिए राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया तो लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन बीजों की अंकुरण क्षमता सरकार द्वारा तय मानकों से काफी कम थी। यानी अगर किसान इन बीजों को खेतों में बोते तो उनकी फसल अंकुरित ही नहीं होती और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता।
भैरुंदा के इन दुकानों पर गिरा निलंबन का गाज
मेसर्स सांई एग्रो, भैरूंदा
मेसर्स सांई कृपा कृषि केन्द्र, भैरूंदा
मेसर्स मारूती कृषि सेवा केन्द्र, लाडक़ुई
मेसर्स भाटीजी कृषि सेवा केन्द्र, भैरूंदा
मेसर्स न्यू राकेश कृषि सेवा केन्द्र, भैरूंदा
मेसर्स संस्कार कृषि सेवा केन्द्र, भैरूंदा
मेसर्स रावल ट्रेडर्स, भैरूंदा
मेसर्स न्यू राहुल एग्रो एजेंसी, भैरूंदा
मेसर्स कृषि विकास केन्द्र, कांकरखेड़ा इछावर
इन 9 बीज उत्पादक कंपनियों पर लगा बैन
घटिया क्वालिटी का बीज तैयार करने वाली कंपनियों पर भी प्रशासन ने नकेल कसी है। जिले में जिन 9 कंपनियों के बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई है, उनमें फोरजन सीड्स हैदराबाद, एडवान्टा एंटरप्राइज तेलंगाना, कार्नटेक सीड्स सिकंदराबाद, संभवी एग्री सड्स हैदराबाद, आश एग्री साइंस तेलंगाना, बायर क्रॉप साइंस महाराष्ट्र, सिंजेंटा इंडिया पुणे, एल्डोराडो एग्रीटेक तेलंगाना और यगंती एग्रोटेक हैदराबाद शामिल हैं।
दुकानों में बचे स्टॉक की जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
उप संचालक अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन सभी निलंबित दुकानों के गोदामों का निरीक्षण करें, अमानक बीज के बचे हुए स्टॉक का ब्योरा लें और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
किसानों से कृषि विभाग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों के लिए बीज खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं से प्रमाणित एवं मानक बीज ही लें। बीज की रसीद-बिल जरूर संभालकर रखें। यदि किसी बीज की गुणवत्ता में गड़बड़ी या संशय दिखे तो तुरंत अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।