चर्चाओं में सीहोर एसडीएम का यह आदेश…

सीहोर। शहर और आसपास के इलाकों में इन दिनों अनुविभागीय दण्डाधिकारी तन्मय वर्मा का एक नया आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। आगामी त्योहारों, धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने और ध्वनि प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए एसडीएम ने एक सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए गए इस आदेश के बाद से ही शहर के आयोजकों, डीजे संचालकों और आम जनता के बीच इस नए नियम की जमकर चर्चा हो रही है। एसडीएम द्वारा जारी अधिकृत आदेश के मुताबिक सीहोर अनुविभाग की पूरी राजस्व सीमा में निम्नलिखित गतिविधियों पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा।
डीजे और हाई-डेसिबल साउंड बैन
शहर या ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले किसी भी तरह के जुलूस, शोभायात्रा, चल समारोह या सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे और तेज आवाज वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
200 मीटर का नो-साउंड जोन
न्यायालय परिसर, सरकारी व निजी अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों की 200 मीटर की परिधि को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। यहां लाउडस्पीकर या अन्य तेज आवाज उत्पन्न करने वाले किसी भी उपकरण को बजाने पर पूर्ण रोक रहेगी।
क्यों चर्चा में है यह फैसला
आगामी दिनों में कई धार्मिक और सार्वजनिक आयोजन होने वाले हैं, जिनमें पं. प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा सहित अन्य कांवड़ यात्रा भी शामिल हैं, जिनमें आमतौर पर डीजे और साउंड सिस्टम का भारी इस्तेमाल होता है। एसडीएम के सख्त रुख से जहां एक तरफ डीजे संचालकों और कार्यक्रम आयोजकों में हडक़ंप है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों, विद्यार्थियों और मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
आमजन की राहत और शांति व्यवस्था के लिए उठाया कदम
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य आम जनता की सुविधा, छात्र-छात्राओं की पढ़ाई, अस्पतालों में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य और शहर की शांति व्यवस्था को बनाए रखना है। देर रात तक बजने वाले डीजे और कानफोड़ू आवाज से बुजुर्गों और मरीजों को होने वाली परेशानियों की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
एसडीएम तन्मय वर्मा ने साफ हिदायत दी है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति, संस्था या डीजे संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नियम तोडक़र बजाए जा रहे डीजे और ध्वनि उपकरणों को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा।

Exit mobile version