
सीहोर-रेहटी। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सीहोर एवं मत्स्य पालन विभाग की कार्यप्रणाली के कारण जहां गड़बड़ी करने वाली रेवा मछुआ सहकारी समिति का पंजीयन ही निरस्त नहीं हो पा रहा है, तो वहीं इन विभागों के बीच मेें नई समिति का पंजीयन भी उलझकर रह गया है। स्थिति यह है कि दोनों विभाग एक-दूसरे को पत्राचार कर रहे हैैं और एक-दूसरे की कमियां निकालने में लगे हुए हैं। जबकि रेवा मछुआ सहकारी समिति की गड़बड़ियां सामनेे आने के बाद कलेक्टर ने इस समिति कोे भंग कर दिया था और नायब तहसीलदार रेहटी को समिति का प्रशासक बना दिया गया था। बाद में जब समिति में नए सदस्यों को जोड़ा गया तोे इसमेें भी जमकर लापरवाही एवं गड़बड़ियां की गईं और बाहरी सदस्यों को सदस्य बनाकर समिति ने कार्य शुरू कर दिया, लेकिन फिर से आपत्ति आने के बाद समिति को भंग कर दिया गया। अब मामला दो विभागों के बीच में उलझकर रह गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां मछुवारों एवं गरीबोें के कल्याण को लेकर उनकी पंचायतें बुला रहे हैं। उनके लिए योजनाएं चला रहे हैं तोे वहीं विभाग एवं उनके अधिकारी मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मछुवारों के कल्याण एवं उनके उत्थान को लेकर गुरूवार को भी अपने निवास पर मछुआ पंचायत बुलाई। वे पहले भी इनकी पंचायतेें बुला चुके हैैं औैर मछुवारों के विकास के लिए कई घोषणाएं कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी योजनाओं कोे पलीता लगाने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला सीहोर जिले की रेहटी तहसील स्थित बड़ा बायां की रेवा मछुआ सहकारी समिति का भी सामने आया है। इस समिति की कई गड़बड़ियां सामने आनेे केे बाद भी अधिकारियों ने समिति पर कृपा बना रखी है, जबकि इस समिति के निरस्त करने को लेकर वरिष्ठ अधिकारी लिख चुके हैैं। इसके बाद भी अब तक समिति का पंजीयन निरस्त नहीं हो सका है, वहीं दूसरी समिति के पंजीयन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, लेकिन अब दोनों विभाग मेें पत्रवार छिड़ा हुआ है।
यह है मामला-
बड़ा बायां की रेवा मछुआ सहकारी समिति का पंजीयन 5 नवंबर 2007 को हुआ था। समिति द्वारा बड़ा बायां स्थित तालाब में मछली पालन का कार्य किया जा रहा था। नियमानुसार ग्राम पंचायत के निवासी मछुआ, केवट, अजा-जजा या फिर अन्य कोई ही इस कार्यक्षेत्र में मछली पालन कर सकता है, लेकिन समिति के ज्यादातर पदाधिकारी एवं सदस्य ग्राम पंचायत बायां के क्षेत्र से बाहर के थेे और वर्षों तक नियम विरूद्ध मछली पालन करते रहे। इसके कारण ग्राम पंचायत केे गरीब मछुवारों को काम नहीं मिल सका और उनकी इससे आर्थिक हानि भी हुई। जब मामला सामनेे आया तोे इसकी जांच कराई गई। बुदनी विकासखंड के जांच दल द्वारा इसकी जांच की गई। जांच दल ने जो जांच रिपोर्ट सौंपी उसमेें स्पष्ट उल्लेख है कि समिति के 23 सदस्यों में से केवल 3 सदस्य ही कार्यक्षेत्र के निवासी हैं और 20 सदस्य कार्यक्षेत्र के बाहर के निवासी हैं। इस संबंध में कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला सीहोर द्वारा समिति के पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई है। इस संबंध में 27 अप्रैल 2022 को पत्र लिखा गया है, लेकिन इसके बाद भी अब तक समिति का पंजीयन निरस्त नहीं हो सका है।
इन्हें थमाया कारण बताओ नोटिस-
रेवा मछुआ सहकारी समिति की गड़बड़ियां सामनेे आने के बाद कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला सीहोर द्वारा 27 अप्रैल 2022 को रेवा मछुआ समिति के सदस्यों को मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 19-ग (2) के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र भी भेजे गए हैं। ये सूचना पत्र शिवप्रसाद बट्टूलाल, राजेश बट्टूलाल, राजकुमार मंगल सिंह, बट्टूलाल प्यारेलाल, श्यामबाई बट्टूलाल, कोमल फूलचंद, धन्नाबाई श्रीराम, गोरिया बाई भगवान सिंह, विजय श्रीराम, रामविलास रामप्रसाद, सावित्री बाई रामविलास, दिनेश रामसिंह, श्रीराम रामप्रसाद, रामकलीबाई रामसिंह, भगवान सिंह कोमल सिंह, किरणबाई शिवप्रसाद, ललिताबाई राजेश, महेश कुमार रामसिंह, सविताबाई, सरोजबाई को भेजे गए हैं। ये सभी सदस्य कार्यक्षेत्र से बाहर के निवासी हैं।
लगातार हो रही थी गड़बड़ी-
रेवा मछुआ सहकारी समिति के पंजीयन के बाद से लगातार गड़बड़ियां हो रही थीं। इसकी गड़बड़ियां सामने आने के बाद भी इसमें सुधार नहीं किए गए। रेवा मछुआ सहकारी समिति मर्यादित बड़ा बाया पंजीकृत कार्य क्षेत्र ग्राम बड़ा बायां निनोर और होलीपुरा है। पंजीयन के समय लखनलाल और रेखा बाई ग्राम बड़ा बाया के निवासी थे और प्रवर्तक सदस्य थे। सहायक मत्स्य अधिकारी दिनेश कुमार पाठक और सहकारी निरीक्षक उमेश मिश्रा ने शिकायत जांच में पाया कि लखनलाल और रेखा बाई वर्तमान में ग्राम बड़ा बायां में निवासरत नहीं है और इनका समग्र परिवार कार्ड के अनुसार नगर परिषद बुदनी के वार्ड क्रमांक 11 सरदार पटेल जोन-1 में पाया गया। सहकारी समिति की पंजीकृत उपविधि क्र. 4 (1) के अनुसार सहकारी समिति के सदस्य वे व्यक्ति होंगे, जो उसके कार्य क्षेत्र में निवासरत हो और मछली पकड़ने या बेचने का धंधा करते हों। जांच में यह पाया गया कि लखनलाल, रेखा बाई रेवा मछुआ सहकारी समिति मर्यादित बड़ा बायां के कार्य क्षेत्र में निवासरत नहीं है।
इनका कहना है-
बड़ा बायां स्थित रेवा मछुआ सहकारी समिति की गड़बड़ियां सामने आनेे के बाद इसको भंग कर दिया गया था। अब रेवा मछुुआ समिति का पंजीयन निरस्त करने हेतु तीन चरणों मेें कार्रवाई की गई है। इसका पंजीयन निरस्त होने के बाद दूसरी समिति के पंजीयन की प्रक्रिया की जाएगी।
– भूपेंद्र प्रताप सिंह, उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला सीहोर
बड़ा बायां की रेवा मछुआ समिति का पट्टा निरस्त कर दिया गया है। इसका पंजीयन उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा निरस्त किया जाएगा। इस संबंध मेें अनुशंसा भी की गई है, लेकिन अब तक पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई नहीं हुई है।
– भारत सिंह मीणा, सहायक संचालक, मतस्योद्योग, जिला सीहोर