
सीहोर। सीहोर और रायसेन जिले की सीमा पर स्थित दिगबाड़ गांव में श्री हनुमान मंदिर को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप लेता जा रहा है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने मुख्य सडक़ पर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम किया। इस आंदोलन में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं के साथ-साथ बच्चों ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण मंदिर के सामने मुख्य सडक़ पर ही बैठ गए और लगातार भजन-कीर्तन कर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि श्री हनुमान मंदिर उनकी गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। सडक़ निर्माण के नाम पर इसे किसी भी कीमत पर हटाने नहीं दिया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार वे पहले भी इस विषय में शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताओं और मांगों से अवगत करा चुके हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई संतोषजनक हल नहीं निकल सका है। प्रदर्शन स्थल पर काफी समय बीत जाने के बाद भी किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
लिखित आश्वासन नहीं, तब तक आंदोलन जारी
आंदोलनकारियों ने अपनी रणनीति साफ करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक कोई सक्षम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनता और मंदिर की सुरक्षा का स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी ऐलान किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सडक़ निर्माण में लगी कंपनी के किसी भी कर्मचारी या मशीनरी को मंदिर के आसपास काम नहीं करने दिया जाएगा।
प्रशासन और एनएचएआई के बीच बैठक जल्द
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक होने जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बैठक में जो भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी जल्द ही ग्रामीणों को दे दी जाएगी।