
सीहोर। प्रसिद्ध विंध्यवासिनी बीजासन देवी धाम सलकनपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के पवित्र परिक्रमा मार्ग पर एक लग्जरी कार दौडऩे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने मंदिर परिसर में पैर पसार चुके वीआईपी कल्चर और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना को लेकर आम श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है, क्योंकि एक तरफ जहां भीषण गर्मी में आम भक्त नंगे पैर चलकर अपनी परिक्रमा पूरी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रसूखदारों और प्रभावशाली लोगों की गाडिय़ों को सीधे पवित्र मार्ग तक जाने की विशेष छूट दी जा रही है।
आम भक्तों के लिए कड़े नियम, वीआईपी के लिए खुली छूट
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक चमचमाती लग्जरी कार सीधे मां के उस परिक्रमा मार्ग पर चल रही है, जहां पैर रखना भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि आम भक्तों के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश से लेकर दर्शन तक के कड़े नियम लागू किए गए हैं। जरा सी चूक होने पर आम जनता को रोक दिया जाता है, लेकिन रसूखदारों के आगे सारे नियम बौने साबित हो जाते हैं।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
सलकनपुर देवी धाम में परिक्रमा मार्ग पर वीआईपी वाहन ले जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिन्हें मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बावजूद मंदिर प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया।
जिम्मेदारी मंदिर समिति की
परिक्रमा मार्ग पर वाहन दौड़ाने के इस पूरे विवाद पर पुलिस प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। मामले को लेकर बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा का कहना है कि मुझे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के सटीक समय की जानकारी नहीं है। लेकिन यह स्पष्ट है कि परिक्रमा मार्ग पर किसी भी वाहन को ले जाने की अनुमति देना या न देना पूरी तरह से मंदिर समिति के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस तरह की अनुमति देने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती है।