वायरल वीडियो ने खोली सड़क निर्माण की पोल, अधिकारी बोले – “सब गुणवत्तापूर्ण”

सीहोर। इछावर–नादान रोड से कालापीपल मार्ग के सड़क रिन्यूअल कार्य को लेकर एक ओर जहां विभाग गुणवत्ता का दावा कर रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वीडियो में सड़क की नई डामर परत हाथ से उखड़ती हुई साफ दिखाई दे रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी है।
गौरतलब है कि हाल ही में मीडिया में सड़क निर्माण में अनियमितता संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के महाप्रबंधक वाय.के. सक्सेना ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उक्त सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2007 में किया गया था। वर्तमान में 15 वर्ष पूर्ण होने के बाद यह सड़क संधारण अवधि में है तथा 5 फरवरी 2026 से इसका रिन्यूअल कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही अधिकारियों को गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता और ग्रामीणों की मौजूदगी में जांच की। विभागीय जांच में सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को गुणवत्तापूर्ण बताया गया है। रिन्यूअल की परत की मोटाई निर्धारित 20 मिमी से अधिक पाई गई तथा बिटूमन की मात्रा भी तय मानक 4.6 प्रतिशत से ज्यादा बताई गई। विभाग के अनुसार उपयोग किया गया बिटूमन शासकीय रिफाइनरी से खरीदा गया था और उपयोग से पहले उसकी गुणवत्ता जांच भी कराई गई थी।
हालांकि, विभागीय दावों के विपरीत वायरल वीडियो में सड़क की ऊपरी परत आसानी से उखड़ती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानक अनुसार हुआ है, तो डामर की परत हाथ से कैसे निकल रही है। ग्रामीणों ने स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो के बाद विभाग उच्च स्तरीय जांच कराता है या अपने ही दावों पर कायम रहता है।



