
सीहोर। पैसों की तंगी अब किसी होनहार युवा के बड़े अधिकारी बनने के सपने को नहीं रोक पाएगी। भैरुंदा में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के लिए मामा कोचिंग नि:शुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र की शुरुआत हुई है। प्रेम सुंदर फाउंडेशन के तत्वावधान में शुरू की गई इस अनूठी पहल का रविवार को भव्य कार्यक्रम में शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र व युवा नेता कार्तिकेय सिंह चौहान ने विद्यार्थियों में नया जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती और अब संसाधनों की कमी क्षेत्र के बच्चों का भविष्य नहीं रोकेगी। कार्तिकेय ने कहा कि अब आर्थिक अभाव आपके सपनों के आड़े नहीं आएगा। हम आपको बेहतर से बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराएंगे, बस आपको कड़ी मेहनत करनी है। श्हम अवसर देंगेए आप अफसर बनेंगे, यही हमारा संकल्प है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की कि वे इस नि:शुल्क कोचिंग का पूरा लाभ उठाएं और प्रशासनिक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जी-जान से जुट जाएं।
शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी
कार्यक्रम में मौजूद कार्तिकेय चौहान की धर्मपत्नी अमानत चौहान ने भी छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनका मार्गदर्शन किया। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए अमानत चौहान ने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का रास्ता सिर्फ शिक्षा ही दिखा सकती है। पढ़ाई इंसान के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सफलता पाने के लिए जीवन में अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम बेहद जरूरी है।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक रमाकांत भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नगर परिषद अध्यक्ष मारुति शिशिर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में बड़ा मुकाम पाने के लिए सबसे पहले एक स्पष्ट लक्ष्य तय करना चाहिए। इस दौरान मप्र पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के अध्यक्ष रवि मालवीय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, सलकनपुर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय और नगर परिषद अध्यक्ष राजेंद्र पटेल सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।