
सीहोर। जिले के रेहटी स्थित शिक्षा का मंदिर शासकीय महाविद्यालय इस समय प्राचार्य एवं प्रोफेसरों के बीच जंग का अखाड़ा बना हुआ है। दरअसल महाविद्यालय में सुजित राठौर सहायक ग्रेड-3 (बाबू) द्वारा महिला प्रोफेसरों से दुव्यर्वहार करने, उन्हें पीड़ित करने एवं उन्हें वेतन नहीं बनाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना से आहत महिला प्रोफेसरों ने जब बाबू की शिकायत महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर से की तो प्राचार्य ने बाबू सुजित राठौर पर कार्रवाई करने के बजाए महिला प्रोफेसरों को ही नोटिस थमा दिए। इसके बाद एक अन्य चेतावनी पत्र भी दिया गया, जिसमें महिला प्रोफेसरों पर एकतरफ कार्रवाई करते हुए फालन आउट करने की बात कही गई है। महाविद्यालय में बाबू द्वारा महिला उत्पीड़न से पीड़ित महिला प्रोफेसरों ने अब इस मामले की शिकायत राज्यपाल, महिला आयोग, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला कलेक्टर सहित कॉलेज की महिला उत्पीड़न समिति को भी की है। मामले में जांच समिति गठित की गई है।
महिला अतिथि विद्वानों के भरोसे अध्यापन कार्य-
कार्यस्थल पर महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने, उन्हें सुरक्षा देने की लगातार कोशिशें हो रही हैं, महिला सशक्तिीकरण को लेकर भी बातें हो रही हैं, लेकिन ऐसा मामला महाविद्यालय में आना बेहद शर्मनाक एवं चिंता का विषय भी है। महिलाओं को सुरक्षा देने की बात सुप्रीम कोर्ट तक कह रहा है, लेकिन रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय में इसकी कोई परवाह नहीं है। दरअसल रेहटी के शासकीय महाविद्यालय में बड़ी संख्या में अध्यापन कार्य के लिए महिला अतिथि विद्वान पदस्थ हैं। इन अतिथि विद्वानों के भरोसे ही कॉलेज में अध्ययन कर रहे करीब 1200 से अधिक बच्चों का भविष्य है, लेकिन इस समय महिला प्रोफेसर ही महाविद्यालय में महिला उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं। ऐसे में प्राचार्य द्वारा कार्रवाई नहीं करके उन्हें नोटिस एवं चेतावनी पत्र देना बेहद गंभीर घटना है।
शिकायत पत्र की नहीं दी पावती-
महाविद्यालय में सहायक ग्रेड-3 सुजित राठौर द्वारा महिला प्रोफेसरों के साथ अभद्रता एवं दुव्यर्वहार की शिकायत 12 सितंबर एवं 24 सितंबर 2026 को अलग-अलग की गई। महिला प्रोफेसरों ने इसकी लिखित में शिकायत की एवं शिकायती पत्र आवक-जावक में दिया तो उन्हें इसकी पावती नहीं दी गई एवं आवेदन को ही अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद महिला प्रोफेसरों ने आवेदन की कॉपी ई-मेल के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी। आवेदन में सहायक ग्रेड-3 सुजित राठौर पर आरोप लगाए गए हैं कि उनका आचरण एवं कृत्य कार्यस्थल नियमों तथा शासकीय सेवा नियमों के विपरीत है।
जांच समिति ने की पूछताछ-
इस मामले की उच्च स्तर पर शिकायत के बाद एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें शासकीय महाविद्यालय भैरूंदा, शासकीय महाविद्यालय बुधनी एवं शासकीय महाविद्यालय बकतरा के प्राचार्य को शामिल किया गया है। जांच समिति ने गत दिवस रेहटी महाविद्यालय पहुंचकर महिला प्रोफेसरों सहित अन्य स्टॉफ से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि जांच समिति ने भी सहायक ग्रेड-3 के आचरण को बेहद गंभीर माना है। जांच समिति को महिला प्रोफेसरों ने पूरी स्थिति से अवगत कराया है। अब जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी।
इनका कहना है-
महाविद्यालय में 30 जून को तत्कालीन प्राचार्य के सेवानिवृत्ति के बाद मुझे प्रभार सौंपा गया है। यहां पर कई वर्षों से वेतन गलत तरीके से निकल रहा था। कई डाक्यूमेंट्स भी नहीं हैं। मैंने इस पर आपत्ति ली है। महिला प्रोफेसरों द्वारा मेरी बिना अनुमति के शिकायत की गई है। उन्हें नोटिस एवं चेतावनी पत्र जारी किए हैं।
– मनोज राठौर, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय रेहटी