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सीहोर जिला पंचायत का कौन होगा सरताज?

भाजपा समर्थित 9, कांग्रेस समर्थित 7 एवं एक प्रजातांत्रिक पार्टी का प्रत्याशी हुआ विजयी

सीहोर। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब सीहोर जिले में सभी पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों को जीत के प्रमाण-पत्र मिल गए हैं। जीत के बाद अब जहां पंच-सरपंच पंचायतों में कार्यभार ग्रहण करेंगे तोे वहीं अब जनपद पंचायतोें एवं जिला पंचायत मेें अध्यक्ष पद कोे लेकर भी कवायद शुरू होगी। सीहोर जिला पंचायत का सरताज कौन होेगा, इसको लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता है। सीहोर जिला पंचायत केे सभी 17 वार्डों की स्थिति साफ हो गई है और जीते हुए प्रत्याशियों को भी जीत के प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। जिला पंचायत के 17 वार्डोें में से 9 पर भाजपा समर्थित, 7 पर कांग्रेस समर्थित एवं एक वार्ड पर प्रजातांत्रिक पार्टी समर्थित प्रत्याशी नेे जीत दर्ज कराई है। हालांकि अब जोड़-तोड़ की राजनीति भी शुरू होगी। इसके लिए जीते हुए प्रत्याशियों की जहां खरीद-फरोख्त को लेकर कवायद हो सकती है तो वहीं इन प्रत्याशियों कोे अंडरग्राउंड भी किया जा सकता है। फिलहाल पार्टी स्तर पर इसकोे लेकर कवायद शुरू हो गई है।
सीहोर जिला पंचायत का अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित घोषित हुआ था। इसके बाद चुनाव मैदान में भी कई दावेदार आए। सीहोर जिले के सभी 17 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस सहित निर्दलीय प्रत्याशियोें ने भी चुनावी मैदान संभाला और अंत तक किला भी लड़ाया। सबसे ज्यादा मुकाबला भाजपा समर्थित प्रत्याशियोें के बीच में ही रहा। एक-एक वार्ड से भाजपा समर्थित कई उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे और इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा। जिन वार्डोें में भाजपा समर्थित ज्यादा उम्मीदवार थे, उन वार्डोें में ही भाजपा की हार हुई है। जिला पंचायत सदस्य के लिए भाजपा के कई कद्दावर नेताओें ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन किसी की भी किस्मत जोर नहीं मार पाई।
वरिष्ठ नेताओं की लगी हुई थी प्रतिष्ठा दांव पर-
जिला पंचायत चुनाव में भाजपा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई थी। भाजपा और कांग्रेस केे वरिष्ठ नेताओें के समर्थित प्रत्याशी मैदान में थे। इसकेे लिए सीहोर से भाजपा विधायक सुदेश राय, वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा तो कांग्रेस केे वरिष्ठ नेता रमेश सक्सेेना, बलवीर सिंह तोमर सहित कई अन्य नेताओें ने भी अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियोें के लिए चुनावी मैदान संभाला और उनके लिए गांव की गलियों में घूमे, घर-घर भी पहुंचे।
अब कौन बनेगा जिला पंचायत का अध्यक्ष-
जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित है, इसके लिए इस पद के लिए एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति भी बनेगी। पंचायत चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले ही भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए आष्टा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोपाल इंजीनियर को भाजपा में शामिल करके उनकी पत्नी को जिला पंचायत का अध्यक्ष बनवा दिया था। वे करीब 5 दिनोें तक अध्यक्ष रहीं और इस बीच अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित हो गया औैर फिर चुनाव की घोषणा भी हो गई। भाजपा से यदि जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर सबसे प्रबल दावेदारी सामनेे आ रही है तो वह गोेपाल इंजीनियर की है। गोपाल इंजीनियर इस बार अध्यक्ष पद पर आसीन होे सकते हैं। इसी तरह कांग्रेस से इस पद की प्रबल दावेदारी शशांक सक्सेना की सामने आ रही है। यदि कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर कवायद करती है तोे इस पद केे लिए उनकी प्रबल दावेदारी रहेगी। हालांकि फिलहाल भाजपा औैर कांग्रेस इस जोड़-तोड़ में लगी हुई है कि किस तरह से आपसी तालमेल बैठाकर अध्यक्ष पद पर उनका प्रत्याशी आसीन हो।
जिला पंचायत चुनाव में निर्वाचित उम्मीदवार
क्र. विजेता प्रत्याशी              पार्टी समर्थित
1.  शशांक सक्सेना                कांग्रेस
2.  राजेन्द्र उर्फ राजू राजपूत    कांग्रेस
3.  रुखसार अनस खां            कांग्रेस
4. बनारस गौरी शंकर पटेल    भाजपा
5. रचना सुरेंद्र मेवाड़ा             कांग्रेस
6. जीवन मदन सिंह मंडलोई   भाजपा
7. अवंतिका फरेला                भाजपा
8. गोपाल इंजीनियर               भाजपा
9. कमल देवी सिंह चौहान       प्रजातांत्रिक पार्टी
10. संगीता लखन मालवीय     भाजपा
11. सुरेश चंद्र वर्मा                भाजपा
12. रेव लक्ष्मण बाई               कांग्रेस
13. कमलेश बद्री प्रसाद         कांग्रेस
14. नामिता रघुवीर चौैहान      भाजपा
15. बिजेंद्र उइके                   कांग्रेस
16. जलज चौहान                  भाजपा
17. उमा ओमप्रकाश             भाजपा

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