राजनीतिक

ग्रंथों की समीक्षा हो:भागवत

नागपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर जिले के कनहोलिब्रा  में आर्यभट्ट पार्क के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ प्राचीन ग्रंथ गायब हो गए हैं। कुछ प्राचीन ग्रंथों के मामले में स्वार्थी तत्वों ने प्राचीन कृतियों में गलत दृष्टिकोण डलवा दिए हैं। इसलिए ग्रंथों की फिर से समीक्षा होनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अभी तक इतिहास को लेकर गलत जानकारी का इतिहास लिखने की बात करती थी। जिसके कारण कई विवाद हो रहे हैं। अब  धर्म ग्रंथ की समीक्षा करने की बात सामने आई है। हजारों वर्ष पुराने ग्रंथों मैं क्या सही है, और क्या गलत, इसको कैसे सही किया जाएगा। इसको लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ग्रंथों की समीक्षा करने की बात कहकर,धार्मिक आधार पर एक नया विवाद पैदा कर दिया है।
मोहन भागवत ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा, कि आक्रमणों के कारण हमारी व्यवस्था नष्ट हो गई है। ज्ञान की संस्कृति भी विखंडित कर दी गई है। अतः समीक्षा की जानी चाहिए।

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