धर्म

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को क्यों चढ़ाई जाती है धनिया की पंजीरी

 देशभर में गुरुवार और शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस बार पंचांग दोष के चलते यह त्योहार 2 दिन मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की जाती है। उनका जन्म किया जाता है और उन्हें तरह-तरह के भोग लगाए जाते हैं। वैसे तो जन्माष्टमी में छप्पन भोग लगाने का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस दिन भगवान कृष्ण को धनिया की पंजीरी (dhaniya ki panjiri) का भोग जरूर लगाया जाता है। तो चलिए आज आपको बताते हैं इसे बनाने की विधि और बताते हैं कि आखिर धनिया की पंजीरी ही जन्माष्टमी पर क्यों बनाई जाती है।

क्या होती है धनिया की पंजीरी
धनिया पंजिरी एक भारतीय मिठाई है, जिसे प्रसाद के रूप में जन्माष्टमी के त्योहार के लिए बनाया जाता है। यह पौष्टिक व्यंजन घी और मेवे से भरा हुआ है। इसमें धनिया के पाउडर का उपयोग किया जाता है। ये एक ग्लूटन फ्री स्वीट डिश है। धनिया की पंजीरी बनाने की प्रक्रिया लगभग नियमित पंजीरी बनाने की तरह ही होती है और पूजा के बाद इसे पंचामृत के साथ परोसा जाता है।

क्यों भगवान कृष्ण को चढ़ाई जाती है धनिया की पंजीरी
भगवान कृष्ण को धनिया से बनीं पंजीरी बहुत पसंद आती है और इसका भोग लगाने से वो अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इतना ही नहीं जन्माष्टमी का त्योहार वर्षा ऋतु में आता है। ऐसे में वात, कफ, पित्त इन चीजों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। मौसम में बदलाव के चलते लोगों में संक्रमण की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में धनिया इन सारी चीजों से हमारा बचाव करता है। इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसी कारण जन्माष्टमी पर धनिया की पंजीरी का प्रसाद भोग स्वरूप बनाया जाता है और सभी लोग इसका सेवन करते हैं।

धनिया की पंजीरी बनाने की विधि
¼ कप घी
10-12 काजू
10-12 बादाम
½ कप मखाना
2 कप धनिया पाउडर
½ कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल
½ कप पिसी चीनी

विधि
– धनिया पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में मध्यम आंच पर 1 बड़ा चम्मच घी गर्म करें। घी के गरम होते ही इसमें काजू और बादाम डाल कर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिए। इन्हें एक बाउल में निकाल कर एक तरफ रख दें।

– उसी पैन में मखाना डालकर क्रिस्पी होने तक भूनें और हल्का क्रश करें।

– अब पैन में बचा हुआ घी डालें। घी के पिघलने पर कढ़ाई में धनियां पाउडर डाल कर मध्यम-धीमी आंच पर ब्राउन और महक आने तक (10-12 मिनिट) भूनिए। इसे बार-बार चलाते जाएं। (याद रखें कि यदि धनियां पाउडर अच्छी तरह से नहीं भुने तो यह मुंह में कड़वा स्वाद छोड़ देगा। इसलिए इसे मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि यह अच्छी तरह से सुगंधित और ब्राउन न हो जाए।)

– धनिया भूनने के बाद इसमें भुने हुए मेवे डालें और अच्छी तरह मिलाएं। पैन को आंच से हटा लें और मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें।

– ठंडे मिश्रण में सूखा नारियल और पिसी चीनी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें और तैयार पंजीरी में तुलसी का पत्ता डालकर भगवान कृष्ण को भोग लगाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Presenetljivo je, da lahko tudi preproste jedi vsebujejo veliko hranil, če jih pripravimo iz svežih sestavin. Pri izbiri receptov se zato splača podrobneje raziskati, kako združiti okus in zdravje. Večina jih jajca Buča je odlična tudi za sladico Večina uporabi preveč moke pri jabolčno-hruškovi šarlotki na videz preprosto, biskvit potrebuje mir Tudi testenine so lahko čarovniške vonj iz kozarca razkrije hitro kisanje zelja Zakaj krompir v hladilniku osladi? ko zadiši, čebulo in česen loči Pozimi jajca pripravite brez Najpogostejša napaka je, da zelenjavo prekuhamo in ji odvzamemo okus. Raje jo na hitro popeci, dodaj sveža zelišča ter ščepec začimb - tako bo obrok zdrav, barvit in res okusen.