Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीरेहटीविशेषसीहोर

एक बार फिर 62 साल की उम्र में मोहन पाराशर ने नेशनल में गोल्ड जीत चमकाया सीहोर का नाम

गोल्ड हासिल करने के बाद मोहन पाराशर का चयन वर्ल्ड चैम्पियनशिव के लिए

सीहोर। 60 साल की उम्र में जहां अधिकतर लोग चारपाई पकड़ लेते हैं वहीं कोच मोहन पाराशर नाम के इस शख्स ने 62 साल की उम्र में केरल के त्रिवेंद्रम में जारी मास्टर नेशनल वेट लिफ्टि प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए 142 किलोग्राम उठाकर तहलका मचा दिया। जब भी कोच श्री पाराशर स्पर्धा में उतरते हैं तो लोग उनकी फिटनेस और डोले-शोले देखकर हैरान रह जाते हैं। लोग यकीन नहीं कर पाते कि वे 60 साल से ज्यादा उम्र को पार कर गए हैं।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार केरल के त्रिवेंद्रम में गत 18 में से 22 मई तक जारी मास्टर नेशनल वेट लिफ्टि प्रतियोगिता में कोच श्री पाराशर ने सीहोर का नाम एक बार रोशन किया है। उन्होंने स्पर्धा में 96 किलोग्राम वर्ग में 60 प्लस की आयु वर्ग में 62 किग्रा स्नेच और 80 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क कुल वजन 142 किलोग्राम उठाकर प्रतियोगिता के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के झोली में स्वर्ण पदक दिलाया है साथ ही आगामी 10 दिसंबर को अमेरिका के फ्लोरिडा में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। आगामी 25 मई को सीहोर लौटने पर प्रदेश के लिए गोल्ड हासिल करने वाले श्री पाराशर का सम्मान किया जाएगा।
आस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी हासिल किया था गोल्ड
जिला मुख्यालय के समीपस्थ बिलकिसगंज के निवासी मोहन पाराशर किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उनकी कोचिंग में एक दर्जन से अधिक वेटलिफ्टिरों ने राज्य स्तरीय और नेशनल स्तर पर परचम लहराया है। श्री पाराशर स्वयं भी अभ्यास करते हुए आ रहे है। वेट लिफ्टिर कोच मोहन पाराशर ने, जिन्होंने 62 साल की उम्र में सितंबर 2021 आस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के पहले ही दिन गोल्ड मेडल हासिल किया था। गोल्ड मेडलिस्ट श्री पाराशर का कहना हैं कि वह मात्र 13 साल की उम्र से ही वेट लिफ्टिंग कर रहे है, उनका कहना है कि वेट लिफ्टिंग मेरे लिए जुनून है। जिसके कारण गत वर्ष उन्होंने 62 साल की उम्र में देश के लिए गोल्ड हासिल किया है। उन्होंने बताया कि आस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के लिए उन्होंने ग्राम बिलकिसगंज स्थित अपने जिम में ही हर रोज आठ से 10 घंटे दो शिफ्ट में अभ्यास किया था और सामान्य दिन की तरह उन्होंने देश के लिए खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया वह वर्ष 1975 से 1979 तक पांच बार स्टेट चैम्पियन रहे है और उनकी कोचिंग में सेंटर में आधा दर्जन से अधिक वेट लिफ्टिरों ने नेशनल और खेलों इंडिया आदि में मैडल हासिल किए है। मुताबिक 60 साल पार लोगों में स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता आ जाती है। इसलिए उनमें जागृति लाने के उद्देश्य से ही हम खेलों से जुड़े हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Mnogi ne vedo, da lahko že pečena zelenjava postane osnova za nasiten in okusen obrok. Razmerje med sestavinami in način priprave je vredno podrobneje raziskati. Ko doma pripravimo hrustljav krompir po francosko Med kuhanjem in pečenjem se pogosto odločamo med hitrostjo in izrazitejšim okusom. Z nekaj sveže zelenjave, stročnicami in zelišči lahko pripravimo uravnotežen obrok brez odvečnih maščob.