jeevan mantra
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धर्म
विचार-निर्विचार चिंतन-अचिंतन
पूरा विश्व विचारों पर चलता है सारे आविष्कार युध्द आतंकवाद साहित्य सृजन भाषण प्रवचन तू-तू मैं-मैं सब विचारों की देन…
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धर्म
सन्मार्ग की प्रवृत्ति
उत्तम कार्य की कार्य प्रणाली भी प्राय: उत्तम होती है। दूसरों की सेवा या सहायता करनी है तो प्राय: मधुर…
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धर्म
जीना और मरना
जिस भांति हम जीते हैं उसे जीवन नाममात्र को ही कहा जा सकता है। हमे न जीवन का पता है;…
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धर्म
जो हो रहा है उसके जिम्मेदार हम खुद हैं
हम मनुष्यों की एक सामान्य सी आदत है कि दु?ख की घड़ी में विचलित हो उठते हैं और परिस्थितियों का…
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धर्म
मृत्यु की चिंता और चिंतन का महत्व
एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे और उन्हें योगाभ्यास सिखाते थे। वह सत्संग भी…
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धर्म
भगवान का अचिंत्य ऐश्वर्य
भगवान भौतिक जगत के पालन व निर्वाह के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं। हम एटलस (एक रोमन देवता)…
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धर्म
झांसी की रानी का सर्वोत्तम बलिदान
बात उन दिनों की जब अंग्रेजों के हमले से झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के लिए किले की दीवारें टूटने…
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धर्म
अहिंसा का स्वरूप
सामान्यत: अहिंसा को निषेधार्थक माना जाता है। ‘न हिंसा -अहिंसा’- हिंसा का अभाव अहिंसा है, यह इसकी एकांगी परिभाषा है।…
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धर्म
‘सुख’ के मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं पाते बचा
सुख की मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं बचा सकते। एक इंसान घने जंगल में भागा जा…
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धर्म
मूल्य भावना का
भगवान बुद्ध जेतवन में ठहरे हुए थे। हर सुबह वह भिक्षावृत्ति को निकलते तो उन्हें मार्ग में एक किसान अपने…