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रेहटी के गांवों में सक्रिय थी धर्म परिवर्तन गैंग, 6 गिरफ्तार

सीहोर। बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय एक धर्म परिवर्तन गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। तीन महीनों से आदिवासी इलाकों में जाल बिछाकर ग्रामीणों को एक-एक लाख रुपये और नौकरी का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला जा रहा था। रेहटी थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम वीरपुर, भीलपाटी और खजुरी में रहने वाले कुछ लोगों द्वारा नियमित रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं और इन सभाओं के माध्यम से हिंदू ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। लेकिन धीरे.धीरे ये प्रेरणा जबरन दबाव और आर्थिक प्रलोभन में बदल गई। ग्रामीणों को एक-एक लाख रुपये देने और नौकरी लगवाने का वादा कर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था।
पूरा मामला तब फूटा जब ग्रामीण लखन बारेलाए सीताराम बारेलाए रमेश बारेला और रायसिंह बारेला ने एक लिखित शिकायत पुलिस को सौंप दी। शिकायत में कहा कि रेम सिंह बारेला के घर पर गुप्त बैठकों में ईसा मसीह की तस्वीर, बाइबल और नकदी का प्रलोभन दिखाकर हिंदू धर्म छोडऩे के लिए मजबूर किया जा रहा था। 9 दिसंबर की रात भी ग्रामीणों को जबर्दस्ती सभा में बुलाया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। घबराए ग्रामीणों ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की। इसके बाद बिलकिसगंज थाना प्रभारी संदीप मीणा के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य, बाइबल की प्रतियां और धर्मांतरण से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए। वहां मौजूद सभी लोगों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस ने प्रमुख आरोपी मुकेश बारेला, लखन बारेला, सीताराम बारेला, रेम सिंह बारेला, कुशमा बारेला और बीना बारेला कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों पर धर्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संदीप मीणा ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है और गिरोह की गतिविधियों की जाँच जारी है।

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